• About
  • Contact
No Result
View All Result
  • Login
Pahadvasi
  • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • अपराध
  • देश-विदेश
  • पर्यटन
  • यूथ
  • शिक्षा
  • खेल
  • स्वास्थ्य
  • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • अपराध
  • देश-विदेश
  • पर्यटन
  • यूथ
  • शिक्षा
  • खेल
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
Pahad Vasi
No Result
View All Result
Home उत्तराखंड

आपदा से बचाव के लिए लगेंगे पहले चरण में 250 सायरन सिस्टम

by पहाड़वासी
June 25, 2023
in उत्तराखंड
Reading Time: 1 min read
0
Share on WhatsappShare on FacebookShare on Twitter


ब्यूरो-प्रदेश में कई जगहों पर पायलट प्रोजेक्ट के तहत आपदाओं से बचाव के लिए सायरन सिस्टम लगाए जाएगा। प्रोजेक्ट के प्रथम चरण में प्रदेश के 250 जगहों पर यह सिस्टम लगाया जाएगा। उत्तराखंड मल्टी हजार्ड अर्ली वार्निंग सिस्टम के नाम से उत्तराखंड में स्थापित किए जाने वाले इस प्रोजेक्ट के लिए प्रथम चरण में 118 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है। बीते दिनों मुख्य सचिव एसएस संधु की अध्यक्षता में हुई उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) की बैठक में इस प्रोजेक्ट को मंजूरी प्रदान की जा चुकी है। वर्ल्ड बैंक इस परियोजना को फंडिंग कर रहा है। अब इसके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ग्लोबल टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे। इस परियोजना के लागू होने के बाद उत्तराखंड, केरल के बाद दूसरा राज्य होगा, जो इस प्रणाली को अपनाने जा रहा है। केरल ने अपने यहां इस प्रोजेक्ट पर करीब 80 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
सायरन के माध्यम से लोगों को किया जाएगा अलर्ट
अर्ली वार्निंग सायरन सिस्टम के तहत राज्य में संवेदनशील स्थानों पर स्थित मोबाइल टावरों पर यह सिस्टम लगाया जाएगा। जहां मोबाइल टावर नहीं होंगे, वहां नए टावर लगाए जाएंगे। इसके बाद भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) और सेंटर वाटर कमीशन जैसी संस्थाओं से प्राप्त होने वाले अलर्ट को सायरन के माध्यम से लोगों तक पहुंचाया जाएगा। बाढ़, भूस्खलन, भूकंप, अतिवृष्टि, हिमस्खलन जैसी आपदाओं में लोग वक्त रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचकर जानमाल की सुरक्षा कर सकेंगे।
सायरन सिस्टम तीन स्तरों से होगा कंट्रोल
प्रदेश में किसी भी आपदा की स्थिति में तीन स्तरों से सायरन सिस्टम को ऑपरेट किया जा सकेगा। पहला जहां सायरन सिस्टम लगेगा, वहां एक मिनी कंट्रोल रूम भी होगा। दूसरा जिला स्तर पर बने कंट्रोल रूम से भी इसे ट्रिगर किया जा सकेगा और तीसरा राज्य स्तर पर बने कंट्रोल रूम से भी सायरन सिस्टम को एक्टिवेट किया जा सकेगा।
जैसी आपदा वैसी ध्वनि
उत्तराखंड मल्टी हजार्ड अर्ली वार्निंग सिस्टम की खास बात यह है कि यह अलग-अलग आपदाओं में अलग-अलग प्रकार की ध्वनियां प्रसारित करेगा। इसके लिए आमजन को पहले ही बता दिया जाएगा कि किस आपदा में सायरन कैसी ध्वनि प्रसारित करेगा। इससे लोगों को पता चल सकेगा कि वह किस तरह के खतरे में हैं। आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव डॉ. रंजीत सिन्हा ने बताया कि सायरन सिस्टम लगाने के लिए जिलों से मोबाइल टावरों की सूची मांगी गई है। प्रोजेक्ट को एचपीसी और वर्ल्ड बैंक पहले ही मंजूरी दे चुका है। पहले चरण में सायरन की संख्या 250 फिर अगले चरण 1000 की जाएगी।
ऋषिकेश में लगा है सिस्टम
टीएचडीसी की ओर से ऋषिकेश में गंगातटों पर सायरन सिस्टम लगाया गया है, लेकिन यह तभी काम करता है, जब बांध से पानी छोड़ा जाता है। मल्टी हजार्ड अर्ली वार्निंग सिस्टम हर प्रकार की आपदा में चेतावनी सायरन जारी करेगा।

Previous Post

सनसनीखेज मामलाः सेना भर्ती का प्रशिक्षण ले रहे युवाओं के साथ छल, प्रशिक्षु को स्टेरायड दे रहा था PTI.

Next Post

उत्तराखंडः दोस्तों ने ही कर दी दोस्त की हत्या, शव गंगनहर फेंका.

पहाड़वासी

पहाड़वासी

Related Posts

व्हाइट कोट सिर्फ परिधान नहीं, जिम्मेदारी और संवेदना का प्रतीक है — डॉ. धन सिंह
उत्तराखंड

व्हाइट कोट सिर्फ परिधान नहीं, जिम्मेदारी और संवेदना का प्रतीक है — डॉ. धन सिंह

January 25, 2026
बच्चों के एक हाथ में गीता और एक हाथ में कंप्यूटर होगा – डॉ. धन सिंह रावत
उत्तराखंड

बच्चों के एक हाथ में गीता और एक हाथ में कंप्यूटर होगा – डॉ. धन सिंह रावत

January 24, 2026
जिला प्रशासन की तत्परता से मिला जीवनरक्षक उपचार,शिक्षक को एयर एम्बुलेंस से एम्स ऋषिकेश किया गया रेफर
उत्तराखंड

जिला प्रशासन की तत्परता से मिला जीवनरक्षक उपचार,शिक्षक को एयर एम्बुलेंस से एम्स ऋषिकेश किया गया रेफर

January 22, 2026
40 साल बाद डागर पट्टी के टोला गांव तक पहुंची सड़क,ढोल-दमांऊ की गूंज से विधायक विनोद कंडारी का ऐतिहासिक स्वागत
उत्तराखंड

40 साल बाद डागर पट्टी के टोला गांव तक पहुंची सड़क,ढोल-दमांऊ की गूंज से विधायक विनोद कंडारी का ऐतिहासिक स्वागत

January 22, 2026
Next Post
उत्तराखंडः दोस्तों ने ही कर दी दोस्त की हत्या, शव गंगनहर फेंका.

उत्तराखंडः दोस्तों ने ही कर दी दोस्त की हत्या, शव गंगनहर फेंका.

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

No Result
View All Result

Categories

  • Uncategorized (9)
  • अन्य (12)
  • अपराध (176)
  • उत्तराखंड (3,854)
  • कुमाऊं (82)
  • खेल (44)
  • गढ़वाल (173)
  • दुर्घटना (204)
  • देश-विदेश (110)
  • धार्मिक (95)
  • पर्यटन (222)
  • यूथ (77)
  • राजनीति (99)
  • रुद्रप्रयाग (804)
  • शिक्षा (106)
  • सामाजिक (204)
  • स्वास्थ्य (73)

Recent.

व्हाइट कोट सिर्फ परिधान नहीं, जिम्मेदारी और संवेदना का प्रतीक है — डॉ. धन सिंह

व्हाइट कोट सिर्फ परिधान नहीं, जिम्मेदारी और संवेदना का प्रतीक है — डॉ. धन सिंह

January 25, 2026
बच्चों के एक हाथ में गीता और एक हाथ में कंप्यूटर होगा – डॉ. धन सिंह रावत

बच्चों के एक हाथ में गीता और एक हाथ में कंप्यूटर होगा – डॉ. धन सिंह रावत

January 24, 2026
जिला प्रशासन की तत्परता से मिला जीवनरक्षक उपचार,शिक्षक को एयर एम्बुलेंस से एम्स ऋषिकेश किया गया रेफर

जिला प्रशासन की तत्परता से मिला जीवनरक्षक उपचार,शिक्षक को एयर एम्बुलेंस से एम्स ऋषिकेश किया गया रेफर

January 22, 2026

A Local pahad news and cultural network of Uttarakhand

© 2022 Pahadvasi. All Rights Reserved

No Result
View All Result
  • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • अपराध
  • देश-विदेश
  • पर्यटन
  • यूथ
  • शिक्षा
  • खेल
  • स्वास्थ्य

© 2022 Pahadvasi. All Rights Reserved

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

You cannot copy content of this page