• About
  • Contact
No Result
View All Result
  • Login
Pahadvasi
  • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • अपराध
  • देश-विदेश
  • पर्यटन
  • यूथ
  • शिक्षा
  • खेल
  • स्वास्थ्य
  • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • अपराध
  • देश-विदेश
  • पर्यटन
  • यूथ
  • शिक्षा
  • खेल
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
Pahad Vasi
No Result
View All Result
Home उत्तराखंड

भारत अब नहीं करेगा सेना में गोरखाओं की भर्ती, क्या नेपाल नहीं रहा भरोसे के काबिल। पढ़ें पूरा मामला.

by पहाड़वासी
July 27, 2023
in उत्तराखंड
Reading Time: 1 min read
0
Share on WhatsappShare on FacebookShare on Twitter


ब्यूरो-भारतीय सेना में नेपाल के गोरखा दशकों से अपनी सेवा देते आए हैं। लेकिन भारतीय सेना के लिए होने वाली नेपाली गोरखाओं की भर्ती रुक गई है। इसकी वजह सेना की नई भर्ती योजना अग्निपथ है। भारत की तीनों सेनाओं में अब अग्निपथ योजना के नियमों के तहत की जा रही हैं। इसमें युवाओं को सिर्फ चार साल के लिए सेना में शामिल करने का प्रावधान है। हालांकि नेपाल चाहता है कि गोरखा भर्ती पहले की तरह पुरानी योजना के अनुरूप हो। इसी मुद्दे पर पेच फंसा है और नेपाल के राजी न होने के बाद पिछले साल वहां होने वाली सेना भर्ती रैली भी रद्द कर दी गई थी। तब से सेना ने नेपाल में कोई सेना भर्ती रैली आयोजित नहीं की है।इस बारे में भारत में नेपाल के राजदूत शंकर प्रसाद शर्मा ने कहा कि नेपाल से गोरखाओं की अग्निपथ योजना के तहत भारतीय सेना में भर्तियों को ‘रोक’ दिया गया है लेकिन अभी मामला समाप्त नहीं हुआ है। शर्मा ने कहा कि फिलहाल दोनों देशों की सरकारों के बीच इस मुद्दे पर कोई ‘गंभीर बातचीत’ नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि “मुझे नहीं लगता कि इस पर मामला बंद हो गया है। भारत ने अग्निपथ पर कोई तंत्र विकसित किया है और नेपाल से भर्ती के लिए उसी तंत्र का इस्तेमाल करना चाहेगा। नेपाल कुछ और कह रहा है। हम पुरानी प्रणाली चाहते हैं। बस यह मसला है। ये अभी बंद नहीं हुआ है लेकिन मैंने दोनों देशों के बीच कोई गंभीर बातचीत होते नहीं देखी तो मैं बस यह कहूंगा की यह रूका हुआ है।बता दें कि भारतीय सेना के लिए नेपाली गोरखा बेहद अहम भूमिका निभाते हैं। नेपाल में गोरखा युवाओं की भारतीय सेना के लिए भर्ती का कार्य उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित ‘गोरखा रिक्रूटमेंट डिपो’ करता है। पिछले साल नेपाल के बुटवल में 25 अगस्त से सात सितंबर 2022 तक भारतीय सेना के लिए नेपाली गोरखा सैनिकों की भर्ती होनी थी। यह सेना भर्ती की नई योजना अग्निपथ के तहत होनी थी। लेकिन नेपाल सरकार की अग्निपथ योजना को लेकर असमंजस के कारण यह भर्ती टालनी पड़ी। भारतीय सेना में नेपाली गोरखाओं की भर्ती 1947 में भारत, नेपाल और ब्रिटेन के बीच हुई त्रिपक्षीय संधि के तहत होती है। अब तक इस भर्ती का कभी कोई व्यवधान नहीं आया था और नेपाली गोरखा भारतीय सेना में अपनी सेवा दे रहे थे।14 जून 2022 को भारत सरकार ने एक अहम घोषणा करते हुए अग्निपथ योजना के बारे में बताया था। इसके अनुसार 17 से 21 साल के युवाओं को अग्निवीर के रूप में केवल 4 साल के लिए चुना जाएगा। बाद में इन युवाओं में से 25 प्रतिशत को प्रदर्शन के आधार पर नियमित किया जाएगा। इस योजना को लेकर नेपाल की अपनी चिंताएं हैं। नेपाल सरकार की चिंता है कि चार साल भारतीय सेना में रहने के बाद जो नौजवान वापस आएंगे, वे क्या करेंगे? उनके पास फौज की आधुनिक ट्रेनिंग होगी और ऐसे में इस बात की आशंका है कि उनकी ट्रेनिंग का कोई दुरुपयोग ना कर ले। इसे लेकर अब तक कोई समाधान नहीं निकाला जा सका है।

Previous Post

चमोली के जिला एवं सत्र न्यायाधीश धनंजय चतुर्वेदी निलंबित, पद के अनुरूप आचरण न करने का आरोप

Next Post

यातायात बिजली के साथ-साथ दूर संचार से भी जुड़ेगा रुद्रप्रयाग जनपद का आखिरी गांव गोंन्डार!

पहाड़वासी

पहाड़वासी

Related Posts

हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से महिला की दर्दनाक मौत, केदारघाटी में शोक
उत्तराखंड

हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से महिला की दर्दनाक मौत, केदारघाटी में शोक

January 27, 2026
व्हाइट कोट सिर्फ परिधान नहीं, जिम्मेदारी और संवेदना का प्रतीक है — डॉ. धन सिंह
उत्तराखंड

व्हाइट कोट सिर्फ परिधान नहीं, जिम्मेदारी और संवेदना का प्रतीक है — डॉ. धन सिंह

January 25, 2026
बच्चों के एक हाथ में गीता और एक हाथ में कंप्यूटर होगा – डॉ. धन सिंह रावत
उत्तराखंड

बच्चों के एक हाथ में गीता और एक हाथ में कंप्यूटर होगा – डॉ. धन सिंह रावत

January 24, 2026
जिला प्रशासन की तत्परता से मिला जीवनरक्षक उपचार,शिक्षक को एयर एम्बुलेंस से एम्स ऋषिकेश किया गया रेफर
उत्तराखंड

जिला प्रशासन की तत्परता से मिला जीवनरक्षक उपचार,शिक्षक को एयर एम्बुलेंस से एम्स ऋषिकेश किया गया रेफर

January 22, 2026
Next Post
यातायात बिजली के साथ-साथ दूर संचार से भी जुड़ेगा रुद्रप्रयाग जनपद का आखिरी गांव गोंन्डार!

यातायात बिजली के साथ-साथ दूर संचार से भी जुड़ेगा रुद्रप्रयाग जनपद का आखिरी गांव गोंन्डार!

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

No Result
View All Result

Categories

  • Uncategorized (9)
  • अन्य (12)
  • अपराध (176)
  • उत्तराखंड (3,855)
  • कुमाऊं (83)
  • खेल (44)
  • गढ़वाल (174)
  • दुर्घटना (205)
  • देश-विदेश (110)
  • धार्मिक (95)
  • पर्यटन (222)
  • यूथ (77)
  • राजनीति (99)
  • रुद्रप्रयाग (805)
  • शिक्षा (106)
  • सामाजिक (205)
  • स्वास्थ्य (73)

Recent.

हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से महिला की दर्दनाक मौत, केदारघाटी में शोक

हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से महिला की दर्दनाक मौत, केदारघाटी में शोक

January 27, 2026
व्हाइट कोट सिर्फ परिधान नहीं, जिम्मेदारी और संवेदना का प्रतीक है — डॉ. धन सिंह

व्हाइट कोट सिर्फ परिधान नहीं, जिम्मेदारी और संवेदना का प्रतीक है — डॉ. धन सिंह

January 25, 2026
बच्चों के एक हाथ में गीता और एक हाथ में कंप्यूटर होगा – डॉ. धन सिंह रावत

बच्चों के एक हाथ में गीता और एक हाथ में कंप्यूटर होगा – डॉ. धन सिंह रावत

January 24, 2026

A Local pahad news and cultural network of Uttarakhand

© 2022 Pahadvasi. All Rights Reserved

No Result
View All Result
  • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • अपराध
  • देश-विदेश
  • पर्यटन
  • यूथ
  • शिक्षा
  • खेल
  • स्वास्थ्य

© 2022 Pahadvasi. All Rights Reserved

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

You cannot copy content of this page