जोशीमठ-16 जून
उत्तराखंड के चमोली जिले की उच्च हिमालयी भूदार घाटी में स्थित विश्व प्राकृतिक धरोहर फूल घाटी राष्ट्रीय उद्यान इन दिनों घाटी में बामन धोड़ कंपार्टमेंट से आगे अल्पाइन लिलियम फूल और सफेद प्रिमुला जैसे उच्च हिमालयी फूलों की खुशबू बिखेर रही है। पीले एस्टर के साथ लाल पोटेंटिला फूल, नीला जेरेनियम फूल अपना रंग बिखेर रहा है, आजकल के खुशनुमा नुमा मौसम के बीच पूरी घाटी सफेद नारंगी रंग में रंगी नजर आ रही है, जैव विविधता और दुर्लभ वन्य जीवन के लिए मशहूर यह फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान देश-विदेश के पर्यटकों और प्रकृति से खिलखिला रही है। प्रेमियों। पार्क के वन निरीक्षक जय प्रकाश ने बताया कि 14 दिनों में 1583 भारतीय पर्यटक और 12 विदेशी पर्यटक समेत कुल 1595 प्रकृति प्रेमी पर्यटक नंदन कानन फूलों की इस घाटी का दीदार कर चुके हैं. ब्रिटिश पर्वतारोही और वनस्पतिशास्त्री फ्रैंक स्मिथ ने 1932 में अपने धूमकेतु चढ़ाई अभियान के दौरान अल्पाइन फूलों की इस दुर्लभ घाटी की खोज की थी।
विश्व धरोहर फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान चमोली जिले में समुद्र तल से 12 हजार 995 फीट की ऊंचाई पर लगभग 87.5 वर्ग किमी में फैला है। इसकी दुर्लभ प्रजाति के वन्य जीव रंग-बिरंगी तितलियाँ, जड़ी-बूटियाँ और आधार अनमोल जीवन धर्ममय जड़ी-बूटियाँ, प्राकृतिक झरनों के साथ, घाटी के बीच में बहती पुष्पावती नदी और दूर-दूर तक फैले ग्लेशियर, ऊँची बर्फीली पहाड़ी घाटी चार चाँद लगाती है घाटी की सुंदरता के लिए. रोहन प्रेमियों के लिए यहीं 17 किमी लंबी ऐतिहासिक रोमांचकारी फूलों की घाटी कुंथ खाल हनुमान चट्टी ट्रैक भी है।







