श्रीनगर, ब्यूरो। प्रयागराज संगम तट में मौनी अमावस्या पर शंकरचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा की गयी बदसलूकी एवं उनके शिष्यों के साथ की गयी मारपीट पर उत्तराखंड के संत समाज में भारी आक्रोश है। श्रीनगर कमलेश्वर मंदिर के महंत आशुतोष पुरी ने मामले में कड़ी नाराजगी जताई है। कहा कि हमेशा की भांति इस बार भी मौनी अमावस्या पर ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य अपने शिष्यों के साथ स्नान करने जा रहे थे, उन्हें पुलिस बल से स्नान करने से रोका गया और उनके मौजूद शिष्यों के साथ बदसलूकी की गयी जो बिलकुल अक्षम्य अपराध है। कहा कि शकराचार्य का अपमान सम्पूर्ण सनातन धर्म का अपमान है। कहा कि इस घटना से योगी सरकार की छवि खराब हुई है, जिसका असर आगामी विधानसभा चुनाव में देखने को मिलेगा। वहीँ ज्योतिर्मठ स्वर्ण सम्मान प्राप्त देवप्रयाग के समाजसेवी गणेश भट्ट ने कहा कि एक तरफ योगी सरकार हिन्दुओं के संरक्षण की बात करती है तो दूसरी ओर सनातन धर्म के अग्रज शंकराचार्य का अपमान करती है। कहा कि यहाँ तक भाजपा के नेता घटना पर खेद प्रकट करने के बजाय शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को कांग्रेस पार्टी से जोड़ने का दावा करके सम्पूर्ण सनातनियों का अपमान करने में जुटे हुए हैं। कहा कि शीघ्र ही घटना के लिए दोषी पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को निलंबित ना किया गया तो उत्तराखंड का सम्पूर्ण संत समाज आन्दोलन को बाध्य होगा।






