नगर निगम सभागार में नगर निगम, प्रशासन, परिवहन व पुलिस विभाग की अहम बैठक
मेयर ने खुद से की पहल की शुरुवात, नहीं बजेगा मेयर की गाड़ी में हॉर्न
श्रीनगर, गढ़वाल।
शहरवासियों को ध्वनि प्रदूषण से राहत दिलाने और यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित व सुचारु बनाने की दिशा में नगर निगम श्रीनगर गढ़वाल ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। नगर निगम सभागार में आयोजित बैठक में श्रीनगर को हॉर्न फ्री जोन एवं नो ओवरटेकिंग जोन घोषित करने को लेकर विस्तार से मंथन किया गया।
बैठक में परिवहन विभाग, पुलिस विभाग, नगर निगम के सम्मानित पार्षदगण एवं निगम के अधिकारी उपस्थित रहे। चर्चा के दौरान यह सामने आया कि शहर में वाहनों द्वारा प्रेशर हॉर्न का अत्यधिक व अनावश्यक प्रयोग आम जनमानस, विद्यार्थियों, मरीजों एवं वरिष्ठ नागरिकों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है।
बैठक में उप जिलाधिकारी श्रीनगर श्रीमती नुपुर वर्मा, सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी पौड़ी श्री मंगल सिंह, तहसीलदार श्री दीपक भंडारी, अपर उप निरीक्षक श्री शशि भूषण, सहायक नगर आयुक्त श्री रविराज बंगारी, नगर निगम के पार्षदगण एवं निगम के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
मेयर आरती भंडारी ने खुद की पहल से दिया संदेश –
नगर निगम श्रीनगर गढ़वाल की महापौर श्रीमती आरती भंडारी ने इस पहल की शुरुआत स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करते हुए की है। महापौर ने अपनी सरकारी गाड़ी में हॉर्न बजवाना बंद कर दिया है।
बताया गया कि पिछले दो दिनों से मेयर की गाड़ी में हॉर्न नहीं बजाया गया, जिससे आम जनता को यह संदेश दिया गया कि बदलाव की शुरुआत सबसे पहले स्वयं से होनी चाहिए।
सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (ARTO) पौड़ी श्री मंगल सिंह ने कहा—
“हॉर्न फ्री जोन आज की बड़ी आवश्यकता है। श्रीनगर एक एजुकेशन हब है, यहां विश्वविद्यालय, स्कूल, अस्पताल स्थित हैं। अनावश्यक हॉर्न से लोग लगातार डिस्टर्ब होते हैं। यदि नगर निगम हॉर्न फ्री जोन का प्रस्ताव पारित करता है तो परिवहन विभाग प्रशासन और पुलिस के साथ मिलकर आवश्यक कार्यवाही करेगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ चालानी कार्रवाई भी की जाएगी।”
मेयर आरती भंडारी का कहना है कि –
“नगर निगम बोर्ड की आगामी बैठक में श्रीनगर को हॉर्न फ्री जोन घोषित करने का प्रस्ताव पारित किया जाएगा। नगर निगम का उद्देश्य शहर को शांत, सुरक्षित और अनुशासित बनाना है। हॉर्न फ्री एवं नो ओवरटेकिंग जोन लागू होने से ध्वनि प्रदूषण में कमी आएगी और यातायात व्यवस्था बेहतर होगी। इस दिशा में प्रशासन, परिवहन विभाग और पुलिस के सहयोग से चरणबद्ध तरीके से कार्य किया जाएगा।”
महापौर ने शहरवासियों से अपील करते हुए कहा कि यह पहल जनहित में है, जिसमें सभी नागरिकों का सहयोग आवश्यक है।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, प्रस्ताव पारित होने के बाद शहर के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों एवं संवेदनशील क्षेत्रों में हॉर्न फ्री जोन लागू किए जाएंगे तथा इसके लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।
इस पहल से जल्द ही श्रीनगर को एक शांत, स्वच्छ और सुव्यवस्थित शहर के रूप में नई पहचान मिलने की उम्मीद है।






