श्रीनगर गढ़वाल : हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय की फर्जी अंकतालिकाएं और डिग्रियां तैयार कर रोजगार हासिल करने के प्रयास का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए एक आरोपी को नगीना से गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से फर्जी अंकतालिकाएं, कूटरचित दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण अभिलेख बरामद किए गए हैं। मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता और फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।पुलिस के अनुसार, 25 मार्च 2026 को विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक जय सिंह चौहान ने कोतवाली श्रीनगर में शिकायत दर्ज कराई थी कि कासिफ कलीम और अन्य व्यक्तियों ने विश्वविद्यालय के नाम, अंकतालिकाओं, डिग्री प्रारूपों, आधिकारिक मोहरों और अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षरों का इस्तेमाल कर कूटरचित शैक्षणिक दस्तावेज तैयार किए और उन्हें वास्तविक अभिलेखों के रूप में विभिन्न स्थानों पर प्रयोग किया।शिकायत के आधार पर कोतवाली श्रीनगर में मुकदमा संख्या 19/2026, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 336(3), 336(4), 338 और 340(2) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी सर्वेश पंवार के निर्देश पर क्षेत्राधिकारी श्रीनगर तपेश कुमार के पर्यवेक्षण और प्रभारी निरीक्षक श्रीनगर के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम गठित की गई। तकनीकी और पारंपरिक जांच के जरिए पुलिस ने आरोपी की गतिविधियों का विश्लेषण किया तथा विभिन्न स्थानों पर दबिश दी। अंततः स्थानीय पुलिस के सहयोग से बिजनौर जनपद के नगीना से नामजद आरोपी कासिफ कलीम (35) को गिरफ्तार कर लिया गया।पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पूर्व में डीएवी (पीजी) कॉलेज से बीएससी की पढ़ाई कर रहा था, लेकिन परीक्षा में असफल होने के बाद नौकरी पाने और स्वयं को शैक्षणिक रूप से योग्य दिखाने के उद्देश्य से फर्जी अंकतालिकाएं और अन्य शैक्षणिक दस्तावेज तैयार किए।पुलिस का कहना है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने में शामिल अन्य व्यक्तियों और पूरे नेटवर्क की गहन जांच जारी है। मामले में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।गिरफ्तार आरोपी:कासिफ कलीम पुत्र छुट्टन खान, निवासी नगीना, जिला बिजनौर (उत्तर प्रदेश), उम्र 35 वर्ष।पुलिस टीम में शामिल अधिकारी:उपनिरीक्षक प्रमोद कुमारहेड कांस्टेबल दिनेश चौधरी






