चमोली। पहाड़ी क्षेत्रों में अब गुलदार और भालू के साथ आवारा कुत्तों का आतंक भी चिंता का कारण बनता जा रहा है। चमोली जिले के नारायणबगड़ क्षेत्र में आवारा कुत्तों के बढ़ते हमलों को देखते हुए सड़क के समीप स्थित 10 विद्यालयों में चार दिन का अवकाश घोषित किया गया है। विद्यालयों में 20 से 23 अगस्त तक शिक्षण कार्य बंद रहेगा।पिछले कुछ दिनों से नारायणबगड़ क्षेत्र में आवारा और आक्रामक कुत्तों के हमलों की कई घटनाएं सामने आई हैं। कुत्तों ने कई स्कूली छात्र-छात्राओं के साथ ही स्थानीय लोगों को भी अपना शिकार बनाया। लगातार बढ़ते खतरे को देखते हुए क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है।ब्लॉक प्रमुख गणेश चंदोला ने जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजकर क्षेत्रवासियों को कुत्तों के आतंक से निजात दिलाने की मांग की थी। इसके बाद जिलाधिकारी गौरव कुमार के निर्देश पर मुख्य शिक्षा अधिकारी आकाश सारस्वत ने नारायणबगड़ विकासखंड के 10 विद्यालयों में 20 से 23 अगस्त तक अवकाश घोषित किया।मुख्य शिक्षा अधिकारी ने आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी विकासखंड शिक्षा अधिकारी और उप शिक्षा अधिकारी को सौंपी है। अवकाश के दौरान विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए ऑनलाइन माध्यम से शिक्षण व्यवस्था जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।कुत्तों को नियंत्रित करने के लिए वन विभाग, आपदा प्रबंधन, पशुपालन समेत विभिन्न विभागों की टीमों को लगाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में लोगों और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कुत्तों के आतंक को नियंत्रित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।उत्तराखंड में बाघ और गुलदार के भय से स्कूल बंद होने की घटनाएं सामने आती रही हैं, लेकिन आवारा कुत्तों के हमलों के कारण स्कूलों में अवकाश घोषित किया जाना अपने आप में असामान्य मामला है।






