श्रीनगर। राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के हेमवती नंदन बहुगुणा बेस अस्पताल में पहली बार एफयूई (फॉलिक्युलर यूनिट एक्सट्रैक्शन) तकनीक से हेयर ट्रांसप्लांट की निःशुल्क सुविधा शुरू कर दी गई है। अब तक डेढ़ से पांच लाख रुपये तक खर्च होने वाली यह प्रक्रिया सरकारी अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में बिना शुल्क उपलब्ध होगी।त्वचा रोग विभाग में विभागाध्यक्ष डॉ. दीपक डिमरी और असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अत्रेयो चक्रवर्ती के नेतृत्व में इस सेवा की शुरुआत की गई है। विभाग में पहले से फोटोथेरेपी और लेजर उपचार जैसी आधुनिक सुविधाएं भी संचालित हैं, जो क्षेत्र के अन्य अस्पतालों में उपलब्ध नहीं हैं।पहला ट्रांसप्लांट 7 घंटे में सफलसेवा का पहला लाभ श्रीकोट निवासी अर्जुन को मिला। चिकित्सकों की टीम ने करीब छह से सात घंटे तक चली प्रक्रिया में सफलतापूर्वक हेयर ट्रांसप्लांट किया। अर्जुन ने कहा कि निजी अस्पतालों में महंगी होने वाली यह सुविधा सरकारी अस्पताल में निःशुल्क मिलना आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए बड़ी राहत है।
क्या है एफयूई तकनीक
एफयूई हेयर ट्रांसप्लांट की आधुनिक तकनीक है, जिसमें सिर के पीछे के मजबूत बालों की जड़ों (ग्राफ्ट) को निकालकर गंजे हिस्से में प्रत्यारोपित किया जाता है। डॉ. अत्रेयो चक्रवर्ती के अनुसार, मरीज की स्थिति के आधार पर आमतौर पर 1,000 से 5,000 ग्राफ्ट तक लगाए जा सकते हैं। हर मरीज का पहले चिकित्सकीय परीक्षण होगा, जिसके बाद ही ट्रांसप्लांट की उपयुक्तता तय की जाएगी।
एम्स से निकला संकल्प, गढ़वाल में हुआ साकार
डॉ. अत्रेयो चक्रवर्ती ने बताया कि एम्स में प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने संकल्प लिया था कि डर्मेटोलॉजी की सबसे महंगी प्रक्रियाओं को जरूरतमंदों तक निःशुल्क पहुंचाने का प्रयास करेगी। बेस अस्पताल में सेवा का अवसर मिलने पर उन्होंने इस पहल को शुरू किया।
मेडिकल छात्रों को भी मिलेगा लाभ
हेयर ट्रांसप्लांट सेवा शुरू होने से राजकीय मेडिकल कॉलेज के यूजी और पीजी छात्रों को भी आधुनिक तकनीक की व्यावहारिक ट्रेनिंग मिलेगी। इससे हेयर लॉस के विभिन्न पैटर्न, मरीज चयन, ग्राफ्ट निकालने और प्रत्यारोपण की प्रक्रिया को सीखने का अवसर मिलेगा।
> “हेयर ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू होने से मरीजों को आधुनिक उपचार की एक और महत्वपूर्ण सुविधा मिली है। हमारा प्रयास है कि लोगों को बड़े शहरों में जाने की जरूरत न पड़े।” — डॉ. दीपक डिमरी, विभागाध्यक्ष, त्वचा रोग विभाग, बेस अस्पताल श्रीनगर।






