ग्रामीणों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता – डॉ रावत
श्रीनगर, गढ़वाल। खिर्सू ब्लॉक के कोटी गांव में गुलदार के हमले में बुजुर्ग महिला की दर्दनाक मौत के बाद शनिवार को कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी।मंत्री डॉ. धन सिंह ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि जब तक गुलदार को पकड़ा या नष्ट नहीं किया जाता, तब तक स्कूली बच्चों और घास काटने जा रही महिलाओं के साथ वन विभाग की टीम निरंतर मौजूद रहेगी। बताया कि सरकार कठिन घड़ी में गाँव के हर व्यक्ति के साथ पूरी तन्मयता से खड़ी है। बताया कि राज्य सरकार द्वारा गुलदार को पकड़ने और आवश्यकता पड़ने पर समाप्त करने का शासनादेश जारी किया जा चुका है।मंत्री ने भविष्य में घटनाओं को रोके जाने के लिए वन विभाग के अधिकारियों को क्षेत्र में गश्त और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक बढ़ाए जाने के निर्देश भी दिए।इस दौरान पीड़ित परिवार को एक लाख अस्सी हजार रुपये की तात्कालिक सहायता दी गई।मौके पर डीएफओ पौड़ी अभिमन्यु, ब्लॉक प्रमुख अनिल भंडारी, श्रीनगर मंडल अध्यक्ष विनय घिल्डियाल, जिला महामंत्री गणेश भट्ट, अधिकारीगण, जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण मौजूद रहे।

सुरक्षा व्यवस्था को मज़बूती के लिए भेजे प्रस्ताव
डीएफओ अभिमन्यु ने बताया कि वन विभाग ने दो महत्वपूर्ण प्रस्ताव शासन को भेजे हैं। पहला श्रीनगर में इंटीग्रेटेड फॉरेस्ट चौकी,जहाँ रेस्क्यू उपकरण व वनकर्मी दिन रात उपलब्ध हों, ताकि किसी भी वन्यजीव हमले पर त्वरित कार्रवाई की जा सके।दूसरा नागदेव में एनिमल ट्रीटमेंट सेंटर, जहां घायल पशुओं के उपचार के लिए आवश्यक सुविधा स्थापित होगी।वहीं दोनों प्रस्तावों पर मंत्री डॉ. रावत ने शीघ्र स्वीकृत करने का आश्वासन दिया।

वन विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई :डीएफओ पौड़ी अभिमन्यु सिंह ने बताया कि गुलदार की फिलहाल चहलकदमी नहीं देखी गई है।ग्रामीणों की सुरक्षा देखते हुए वन विभाग ने कोटी और नयालगढ़ में तीन जगहों पर पिंजरे व दस कैमरा ट्रेप्स लगाए हैं।स्कूली बच्चों और महिलाओं के काम काज को देखते हुए वन विभाग की दो टीमों के पंद्रह लोग गुलदार पर नजर बनाये रखेंगे, जबकि शूटर को भी मौके पर तैनात किया गया है।पीड़ित परिवार को अग्रिम सहायता राशि(1.80लाख रूपये) दे दी गई है,जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद शेष राशि प्रदान की जाएगी।डीएफओ ने बताया कि सभी लोगों की सुरक्षा के तहत विभागीय टीम को विशेष नजर बनाये रखने के निर्देश दिये हैं।







