श्रीनगर, गढ़वाल। बैकुंठ चतुर्दशी मेले के तीसरे दिन गुरुवार को गोला पार्क में संस्कृति, परंपरा और अपनी मिट्टी की महक को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से आयोजित “मि उत्तराखंडी छौं” कार्यक्रम में जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने अपनी संस्कृति के प्रति सम्मान का उदाहरण प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम में जिलाधिकारी के साथ मेयर आरती भंडारी, उपजिलाधिकारी नूपुर वर्मा, सभी पार्षदों, स्थानीय महिलाओं, युवाओं और विद्यार्थियों ने पारंपरिक वेशभूषा में अपनी संस्कृति की अनोखी छटा बिखेरी।कार्यक्रम के तहत स्वाणि नौनी, स्वाणु नौनु, द्वि झणां प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने पारंपरिक परिधान और लोक-संस्कृति की झलकियों से दर्शकों का मनमोहा।जिलाधिकारी ने स्वयं भी पारंपरिक पहाड़ी परिधान धारण कर प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। नगर निगम श्रीनगर मेयर आरती भंडारी ने कहा कि हमारी पारंपरिक वेशभूषा हमारी पहचान है, हमारे पूर्वजों की विरासत है। इसे पहनना सिर्फ एक परिधान धारण करना नहीं, बल्कि अपने अस्तित्व और अपनी जड़ों को सम्मान देना है। कहा कि ऐसे आयोजन हमारे लोकसंस्कृति और पारंपरिक पहनावे के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।मौके पर तहसीलदार दीपक भंडारी, सहायक नगर आयुक्त रविराज बंगारी, एसएनए गायत्री बिष्ट, नगर निगम अधिकारी,कर्मचारी आदि उपस्थित रहे।कार्यक्रम में डीएम ने निर्णायक अंबिका रावत, शेखर काला, सुधांशु को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन कमलेश जोशी और सरिता उनियाल ने किया।

सुण दीदी सुण भुली, मैं त अपण संस्कृति बचौंण चली: जिलाधिकारी
श्रीनगर। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने गढ़वाली में कहा कि सुण दीदी सुण भुली, मैं त अपण संस्कृति बचौंण चली। कहा कि यह कार्यक्रम केवल गढ़वाली परिधान का नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति को आगे बढ़ाने की एक मुहिम है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि पर्वों, शादियों और विशेष अवसरों पर पारंपरिक गढ़वाली, कुमाऊंनी या पहाड़ी वेशभूषा अवश्य धारण करें, क्योंकि यही हमारी पहचान और एकता का प्रतीक है। कहा कि मेलों का असली उद्देश्य उत्साह, सहभागिता और सांस्कृतिक जुड़ाव है। हमें केवल वेशभूषा ही नहीं, बल्कि अपनी पहाड़ी रसोई, लोकभाषा, लोकनृत्य और लोकगायन से भी जुड़ना चाहिए। जिलाधिकारी ने सभी प्रतिभागियों की सृजनशीलता और सांस्कृतिक समर्पण की सराहना की।प्रतियोगिता में ये रहे विजेता:पहाड़ी परिधान शो प्रतियोगिता में स्वाणु नौनु (पुरुष वर्ग) में अभय, स्वाणि नौनी (महिला वर्ग) में सोनाली, द्वि झणां (युगल वर्ग) में रचित गर्ग एवं मारिषा पंवार, स्वाणि पार्षद वर्ग में रश्मि, स्वाणु पार्षद वर्ग में शुभम प्रभाकर और स्वाणु निगम कर्मचारी वर्ग में संजय राणा को विजेता घोषित किया गया।

सांस्कृतिक प्रतियोगिता में सेंट थेरेसॉस स्कूल ने मारी बाजी खेल प्रतियोगिता में साहिल और कदर ने जीती चैंपियनशिप

श्रीनगर। बैकुण्ठ चतुर्दशी मेले के तीसरे दिन विद्यालय स्तर की सांस्कृतिक एवं खेलकूद प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने अपना दमखम दिखाया। छात्रों ने लोकनृत्य की प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। प्रतियोगिता में सेंट थेरेसॉस स्कूल श्रीनगर ने प्रथम, श्रीगुरू राम राय पब्लिक स्कूल ने द्वितीय और आइरिस पब्लिक स्कूल श्रीकोट गंगानाली ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सांस्कृतिक प्रतियोगिता में गणेश डंगवाल, गणेश बलूनी और विरेंद्र कुमार ने निर्णायक की भूमिका अदा की। एनआईटी खेल मैदान में आयोजित खेल प्रतियोगिता में जूनियर वर्ग लम्बी कूद प्रतियोगिता में केबी मैमोरियल के आफिसर आलम, लम्बी कूद में रेनबो पब्लिक स्कूल के कदर परवीन, फर्राटा दौड़ में मास्टर माइड स्कूल के रोहन रावत और मार्डन जूनियर स्कूल के अनम, 200 मीटर दौड़ में मास्टर मांइड स्कूल के आदित्य पंवार और रेनबो स्कूल की कदर परवीन ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर आइरिस पब्लिक स्कूल श्रीकोट के साहिल और बालिका वर्ग में रेनबो स्कूल की कदर परवीन ने चैम्पियनशिप अपने नाम की। खेल प्रतियोगिता में जिला क्रीड़ा अधिकारी जयवीर रावत, ब्लॉक क्रीड़ा समन्वयक नवीन नेगी, मनोज कपरवान, ललित बिष्ट, धमेंद्र कैंतुरा ने निर्णायक की भूमिका अदा की।
हेमा नेगी करासी के गीतों पर थिरके लोग

श्रीनगर, गढ़वाल।ऐतिहासिक बैकुंठ चतुर्दशी मेले की दूसरी संध्या पर बुधवार रात्रि को प्रसिद्ध लोकगायिका हेमा नेगी करासी की सुमधुर प्रस्तुतियों ने दर्शकों और श्रोताओं को थिरकने पर मजबूर किया।करासी ने अपनी प्रस्तुति की शुरुआत नंदा देवी पर आधारित जागर गीत, पारंपरिक भक्ति गीत “आंछरी” और “नृसिंह जागर” से की, जिनकी धुनों पर श्रोता भक्ति भाव में डूब गए। इसके बाद करासी ने “अमरा बांध”, “जाग नंदा”, “गिरातोली गिर गेंदुआ”और “मेरी बामणी” जैसे लोकप्रिय गीतों को स्वर दिए। करासी के लोकगीतों ने गढ़वाल की सांस्कृतिक धरोहर, देवी परंपरा और लोकजीवन की झलक पेश की। मेयर आरती भंडारी ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मेले को भव्य रूप देने की निगम की और से पूरी कोशिश की गई है। आगामी दिनों में विभिन्न भव्य कार्यक्रम आयोजित होंगे।मौके पर नगर आयुक्त नूपुर वर्मा,पार्षद, सहायक नगर आयुक्त रविराज बंगारी, सफाई निरीक्षक शशि पँवार आदि उपस्थित रहे।

जादूगर एन.सी. सरकार के जादुई करतबों ने बांधा समां

श्रीनगर। बैकुंठ चतुर्दशी मेले की दूसरी संध्या पर ख्यातिप्राप्त जादूगर एनसी सरकार के अद्भुत करतबों ने आवास विकास मैदान स्थित पांडाल में दर्शकों को रोमांचित किया। एन.सी. सरकार ने अपने जादू शो की शुरुआत साधारण प्रतीत होने वाले कुछ छोटे करतबों से की। उन्होंने हवा में रूमाल को कबूतर बना दिया, तो कभी खाली डिब्बे से फूलों की बारिश कर डाली। इस दौरान बच्चों की तालियों और हँसी से पूरा पंडाल गूंज उठा।उनकी तेज़ हाथ की सफाई, रहस्यमय ट्रिक्स और मंच पर नियंत्रित रोशनी व संगीत ने शो को रोमांचक बना दिया। बड़ों के लिए प्रस्तुत की गई मानसिक जादू (माइंड-रीडिंग) की एक्ट ने सभी को चौंका दिया। मौके पर मेयर आरती भंडारी, नगर आयुक्त नूपुर वर्मा, सीओ अनुज कुमार, डॉ रचित गर्ग, डॉ दिग्पाल दत्त, रमेश रमोला, नरेंद्र रावत, राजकुमार आदि मौजूद रहे।








