चमोली-हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा में आपदा पर आस्था भारी पड़ रही है। यात्रा मार्ग पर अटलाकुड़ी से हेमकुंड साहिब तक मार्ग पर भारी बर्फ बिछी हुई है, जिससे तीर्थयात्री बर्फ की गलियों से आवाजाही कर रहे हैं। भगदड़ की स्थिति न बने इसके लिए यात्री जो बोले सो निहाल के जयकारों के साथ एक दूसरे का हाथ पकड़कर आगे बढ़ रहे हैं। मंगलवार को 1755 तीर्थयात्रियों ने हेमकुंड साहिब गुरुद्वारे में मत्था टेका। हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा अब जोर पकड़ने लगी है। यात्रा पर पहुंचने वाले अधिकांश तीर्थयात्री घोड़े-खच्चरों के बजाय पैदल यात्रा कर रहे हैं। घांघरिया से यात्री सुबह पांच बजे यात्रा शुरू कर रहे हैं और छह किलोमीटर की दूरी पार कर सुबह नौ बजे हेमकुंड साहिब पहुंच रहे हैं। मार्ग पर अटलाकुड़ी से हेमकुंड साहिब तक करीब तीन किलोमीटर क्षेत्र में बर्फ बिछी है। बर्फ में ही आवाजाही करना यात्रियों के लिए परेशानी खड़ी कर रहा है। लेकिन आस्थावान तीर्थयात्री गुरुवाणी का पाठ कर आगे बढ़ रहे हैं। गोविंदघाट गुरुद्वारे के वरिष्ठ प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने बताया कि तीर्थयात्रियों में यात्रा को लेकर उत्साह बना हुआ है। यात्री बर्फ में भी एक दूसरे का सहारा बनकर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि मौसम सामान्य होने पर तीर्थयात्रा के बढ़ने की उम्मीद है।
बद्रीनाथ पहुंचे 5 लाख से ऊपर श्रद्धालु
गोपेश्वर। बदरीनाथ धाम में मंगलवार को 13050 तीर्थयात्रियों ने भगवान बदरीनाथ के दर्शन किए। धाम में मौसम सामान्य रहने पर तीर्थयात्रियों की लंबी लाइन लगी रही। कई तीर्थयात्री धाम में अपने पित्रों का तर्पण करने भी पहुंच रहे हैं। अभी तक 501348 तीर्थयात्री बदरीनाथ धाम के दर्शन कर चुके हैं। बीकेटीसी के मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने बताया कि बदरीनाथ धाम में सुबह चार बजे से ही तीर्थयात्रियों की लाइन लग रही है। तीर्थयात्रियों में यात्रा को लेकर भारी जोश है।







