टिहरी गढ़वाल:कहते हैं उत्तराखंड के कण -कण में देवी-देवताओं का वास है, इसीलिए अधिकतर लोग उत्तराखंड को देवभूमि नाम से ही जानते है, मुख्य रूप से उत्तराखंड अपने चार धाम बद्रीनाथ केदारनाथ गंगोत्री यमुनोत्री, एवं सिखों के प्रसिद्ध गुरुद्वारा हेमकुंड साहिब के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन कई भक्तों का मानना है कि उत्तराखंड के हर कोने में देवी देवताओं का वास है और अगर यहां पर सच्चे मन से जाया जाए तो यह आपकी मनोकामना को पूर्ण करते हैं।

दरअसल मामला टिहरी जिले के कीर्तिनगर ब्लॉक में पड़ने वाले डागर क्षेत्र का हैं, आपको बता दें यहां डाघर क्षेत्र के अंतर्गत भूमिया देवता का एक पौराणिक मंदिर है, जो की स्थानीय लोगों की आस्था का केंद्र रहा है साथ ही यह जगह प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है, ताजा घटना इसी क्षेत्र से जुड़ी हुई है।
दरअसल बीते कुछ माह पूर्व भुमिया देवता के दर्शन करने एवं इस क्षेत्र के प्राकृतिक सौंदर्य का दीदार करने दिल्ली क्षेत्र से कुछ पर्यटक यहाँ पहुचे थे, और यहां से जाने के बाद उन्होंने ईश्वर से जो प्रार्थना की थी उनकी वह प्रार्थना स्वीकार हो गई, जिसको लेकर पर्यटक रवि जी खुशी से पुनः इस मंदिर पहुँचे और यहाँ आकर भूमिया देवता का फिर से आशीर्वाद लिया।
वहीं पर्यटक रवि जी का कहना है कि बाकी लोगों को भी यहाँ आकर इस अद्भुत जगह को देखना चाहिए एवं यहाँ आकर ईश्वर की अद्भुत ऊर्जा का अनुभव लेना चाहिए।

दिल्ली निवासी रवि जी ने अपने पिता जी की स्मृति में यहाँ रख रखाव के लिए 51000 का दान भी किया,उनके इस कदम की सभी ग्रमीणों ने भी प्रशंसा की और कहा की ऐसे दान से हि भव्य धार्मिक आयोजन यहाँ पर होते रहेंगे।
इस मौके पर बाबा दयानाथ जी,पर्यटक रवि जी, मंजीत नेगी,परविंद नेगी ,गुलाब सिंह नेगी अध्यक्ष मंदिर समिति, भगवान सिंह नेगी एवं पूर्व विश्वविद्यालय प्रतिनिधि अरुण नेगी आदि ग्रामीण मौजूद थे।







