चमोली-बदरीनाथ हाईवे पर पागलनाला से बैलाकूची तक करीब 500 मीटर हिस्से में भूस्खलन से वाहनों की आवाजाही खतरनाक है। यहां चट्टानी भाग से लेकर अलकनंदा की ओर से भूस्खलन हो रहा, जिससे वाहनों की आवाजाही मुश्किल से हो पा रही है।500 मीटर के रास्ते को वाहनों से पार करने में करीब एक घंटे का समय लग रहा है। चट्टानी भाग होने से एनएचआईडीसीएल (राष्ट्रीय राजमार्ग एवं ढांचागत विकास) की ओर से यहां सुधारीकरण कार्य भी शुरू नहीं किया गया है। अगस्त में हुई अतिवृष्टि से बदरीनाथ हाईवे कई जगहों पर क्षतिग्रस्त पड़ा है। पीपलकोटी के गडोरा से बैलाकूची तक हाईवे पर जगह-जगह भूस्खलन और भू-धंसाव हुआ।तब से यहां सबसे अधिक दिक्कत पागलनाला से बैलाकूली के बीच है। 500 मीटर हिस्से में वाहनों की आवाजाही मुश्किल से हो रही है। बैलाकूची में हाईवे का आधा हिस्सा क्षतिग्रस्त पड़ा है। इसी के समीप पागलनाला में भी मलबे के ऊपर से ही वाहन चल रहे हैं। कई वाहन मलबे में फंस रहे हैं, जिससे हाईवे पर जाम की स्थिति भी बन रही है।
एनएचआईडीसीएल के महाप्रबंधक शैलेंद्र कुमार का कहना है कि मौसम सामान्य होने पर हाईवे कर मरम्मत की जाएगी। जहां भूस्खलन हो रखा है, वहां जल्द सुधारीकरण कार्य शुरू किया जाएगा।







