उत्तराखंड- 25 मई 2025
उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में दो अलग-अलग सड़क हादसों ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। एक हादसा उत्तरकाशी जिले के बड़कोट तहसील क्षेत्र में हुआ, जबकि दूसरा हादसा टिहरी जिले के थत्यूड़ मोटर मार्ग पर घटित हुआ। दोनों घटनाओं में वाहन चालकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसों के बाद संबंधित पुलिस थाना और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचकर राहत व बचाव कार्य में जुट गईं।
उत्तरकाशी में गहरी खाई में गिरी बोलेरो,चालक की मौके पर मौत⤵️
उत्तरकाशी जिले के बड़कोट तहसील अंतर्गत कुर्सिल नगाणगांव मोटर मार्ग पर एक बोलेरो (मैक्स) वाहन यूके 03 टीए 1142 अनियंत्रित होकर सड़क से करीब 70-80 मीटर नीचे खाई में गिर गया। यह हादसा तड़के सुबह 3-4 बजे के बीच हुआ, जब वाहन चालक संतोष (26 वर्ष), पुत्र बूटा राम, निवासी स्यालव, थाना बड़कोट, नगाड़ से बड़कोट की ओर जा रहा था।
थानाध्यक्ष दीपक कठैत ने बताया कि जैसे ही घटना की सूचना मिली, पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंच गईं। वाहन गिरने से चालक की मौके पर ही मौत हो गई। शव को खाई से बाहर निकाल कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और आवश्यक कानूनी कार्यवाही की जा रही है।
टिहरी में डंपर के खाई में गिरने से चालक की मौत, शव को निकालने में लगी कई घंटे की मशक्कत⤵️
दूसरी घटना टिहरी जिले के थत्यूड मोटर मार्ग पर बंदरकोट से दो किलोमीटर आगे की है, जहां एक डंपर वाहन (यूके 16 सीए 0375) देर रात करीब 12 बजे गहरी खाई में जा गिरा। हादसे के पीछे कारण बताया जा रहा है कि सड़क की दीवार अचानक बैठ गई, जिससे डंपर असंतुलित होकर करीब 50 मीटर गहरी खाई में गिर गया। डंपर चालक रितेश, पुत्र रघुदास, निवासी ग्राम बागी, जौनसार की भी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद अन्य वाहन चालकों ने शव को निकालने का प्रयास किया, लेकिन शव डंपर के नीचे दबा हुआ था, जिससे वह सफल नहीं हो सके।
घटना की सूचना 112 नंबर पर देकर पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही कैपटी पुलिस, नैनबाग चौकी, एसडीआरएफ डाकपत्थर और 108 की टीम मौके पर पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद चालक के शव को बाहर निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। उत्तराखंड में लगातार हो रहे सड़क हादसे राज्य में सड़क सुरक्षा की गंभीर स्थिति को उजागर कर रहे हैं। स्थानीय प्रशासन और सरकार से मांग की जा रही है कि इन क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा और मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता दी जाए ताकि ऐसी दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।







