नैनबाग– सुंदर पहाड़ियों में स्थित नागटिब्बा की सुंदरता पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। ऐसे में जो भी लोग एक बार इस दर्शनीय और पर्यटक स्थल पर आते हैं, उनका मन वापस जाने का नहीं करता है। नागटिब्बा धीरे-धीरे अपनी पहचान पर्यटन और तीर्थाटन के क्षेत्र में बना रहा है। नागटिब्बा में देश विदेश से हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।आपको बता दें कि नागटिब्बा टिहरी गढ़वाल के नैनबाग तहसील के अंतर्गत पंतवाड़ी से लगभग आठ किलोमीटर दूर है। इसके साथ ही नागटिब्बा पर्यटकों के लिए ट्रैकिंग के लिए सबसे पसंदीदा स्थल के रूप में उभर रहा है। नाग टिब्बा से डेढ़ किलोमीटर की दूरी झंडी हैं। कहते हैं कि झंडी से देहरादून, मसूरी और दिल्ली आदि जगह यहां से देख सकते हैं। नागटिब्बा के ट्रैक करते समय आप प्रकृति का दीदार भी कर सकते हैं। शुद्ध वातावरण आपको तनाव मुक्त रखेगा। नागटिब्बा की खूबसूरती के लोग इतने कायल हो जाते हैं कि हर साल वह ट्रैकिंग करने के लिए आते हैं। नागटिब्बा के आसपास अनेक प्रकार के वन है।यहां के पेड़ों से छाया और वातावरण से मन को शांति मिलती है। यहां हर साल बर्फ पड़ती है, जिसका लुत्फ उठाने के लिए देश- प्रदेश के पर्यटक बेसब्री से इंतजार करते हैं।

श्रद्धालुओं की मनोकामना होती है पूरी
नागटिब्बा में नाग देवता का मंदिर है, जिसकी समुद्र तल से ऊंचाई 3022 फीट है। श्रद्धालु नागटिब्बा में नाग देवता के दर्शन करने के लिए आते हैं। यहां अपनी मन्नतें मांगते हैं। दान पुण्य कर श्रद्धालु लाभ पुण्य कमाते हैं। मंदिर के पास एक कुआं के पानी श्रद्धालु आस्था का प्रतीक मानते हैं। कहते हैं जो लोग यहां पर अपनी मनोकामना मांगते हैं। वह पूर्ण हो जाती है।

नागटिब्बा को रखें स्वच्छ और सुंदर
स्थानीय लोगों ने सभी पर्यटकों से नागटिब्बा के पर्यावरण को स्वच्छ रखने की अपील की है। वहीं टिहरी गढ़वाल जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष सुभाष रमोला ने कहा कि नागटिब्बा धीरे-धीरे पर्यटन और तीर्थाटन के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना रहा है। नागटिब्बा को पर्यटन और तीर्थाटन के और आगे बढ़ाने के लिए कड़े प्रयास किये जा रहे हैं। वहीं सुभाष रमोला ने नागटिब्बा के परिसर को स्वच्छ रखने का पर्यटकों और श्रद्धालुओं से आह्वान किया है।








