ब्यूरो-कैलाश मानसरोवर और आदि कैलाश का प्रवेश द्वार गुंजी गांव शिव धाम बनेगा। यहां भव्य स्मारक भी बनाया जाएगा। होटल, रेस्टोरेंट, पार्क और ध्यान योग केंद्र का निर्माण भी किया जाएगा। इसका ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया गया है। स्वदेश दर्शन टू के तहत 75 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। इस साल 13 हजार से अधिक यात्री आदि कैलाश के दर्शन के लिए पहुंचे। अब कैलाश के प्रवेश द्वार पर स्थित गुंजी को शिव धाम बनाने की तैयारी हो रही है। स्मारक में फोटो गैलरी, म्यूजियम और भगवान शिव की भव्य मूर्ति स्थापित की जाएगी। यहां आने वाले यात्री धार्मिक स्थलों और खूबसूरत हिमालय शृंखला के साथ ही म्यूजियम में तमाम महत्व की चीजें देख सकेंगे। डेलोयड कंपनी इसका मास्टर प्लान बना रही है। गुंजी के बायीं ओर आदि कैलाश तो दायीं ओर ओम पर्वत है: नेपाल और चीन के निकट 12500 फुट की ऊंचाई पर स्थित गुंजी के बायीं ओर 42 किमी की दूरी पर आदि कैलाश है, जबकि दायीं ओर लगभग 18 किमी की दूरी पर ओम पर्वत है। यह लिपुलेख दर्रे से होने वाले भारत-चीन व्यापार की मंडी भी है।वहीं रीना जोशी जिलाधिकारी पिथौरागढ़ के अनुसार
गुंजी में शिव धाम बनाया जाना प्रस्तावित है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए होटल, रेस्टोरेंट, स्मारक, ध्यान केंद्र आदि का निर्माण किया जाएगा। डेलोयड कंपनी इसका मास्टर प्लान बना रही है।







