ब्यूरो -ऋषिकेश में मुर्दों के रजाई-गद्दों की रुई निकाल कर बेचने वालों का भंडाफोड़ हुआ है, इस मामले में तीन आरोपियों को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया है। तीर्थ नगरी के रूप में प्रसिद्ध ऋषिकेश में लोगों की भावनाओं से खेलने का शर्मनाक मामला सामने आया है। यहां रजाई गद्दे बनाने वालों ने ऐसा पाप किया है जिसके बारे में सुनकर हर कोई हैरान और परेशान है। पुलिस ने ऐसे व्यक्तियों के उपयोग किए गए रजाई गद्दे द्वारा नए रजाई गद्दे बनाने के मामले का भंडाफोड़ किया है, जो अब मृत हो चुके हैं।
तीर्थनगरी में मृत व्यक्तियों के उपयोग में लाए गए बिस्तरों की रूई निकालकर नई रुई में मिलाकर बेचने वालों के खिलाफ पुलिस ने कड़ा एक्शन लिया है। पुलिस ने शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिन्हें पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया है। रानीपोखरी थाना प्रभारी विकेंद्र चौधरी ने बताया कि अमित सिंह निवासी दांडी रानी पोखरी ने तहरीर देकर बताया कि ऋषिकेश क्षेत्र में कुछ युवक मरे हुए लोगों के उपयोग में आ रहे बिस्तरों को एकत्रित कर रुई निकाल रहे है। जिसे नई रुई में मिलाकर बेचने का काम भी हो रहा हैं. शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले में धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया और तथ्यों के आधार पर रानी पोखरी चौक स्थित दुकान पर छापेमारी की। इस दौरान पूछताछ में आरोपी की पुष्टि होने पर तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया। जिनकी पहचान सलमान, हामीद और संजय के रूप में हुई। पूछताछ में पता चला कि संजय पुराने रजाई गद्दे एकत्रित कर सलमान और हामिद अली को बेचता है। पुलिस ने मामले में अग्रिम जांच और कार्रवाई शुरू कर दी है।







