श्रीनगर, गढ़वाल ।नगर निगम क्षेत्र के बिल्वकेदार स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय भवन जर्जर हालत में संचालित हो रहा है। विद्यालय की छत और सुरक्षा दीवार दुर्घटना को खुला निमंत्रण दे रही हैं, जिससे छात्र-छात्राओं और शिक्षकों की सुरक्षा पर लगातार खतरा मंडरा रहा है।

विद्यालय के प्रधानाध्यापक आशुतोष पुरी ने बताया कि बारिश शुरू होते ही भवन की टिन की छत से जगह-जगह पानी टपकने लगता है। छत को सहारा देने वाली लकड़ी की बलियां पूरी तरह सड़ चुकी हैं, जबकि कई स्थानों पर कबूतरों ने बसेरा बना रखा है। ऐसे में विद्यालय में पढ़ाई के दौरान हमेशा किसी अप्रिय घटना की आशंका बनी रहती है।

उन्होंने बताया कि विद्यालय परिसर में सुरक्षा दीवार नहीं होने से छोटे बच्चों की चिंता बनी हुई है। पुरानी सुरक्षा दीवार भी जर्जर होकर गिरने की स्थिति में पहुंच गई है। ऐसे में बच्चों को अकेले विद्यालय परिसर से बाहर भेजने में भी डर बना रहता है।प्रधानाध्यापक ने बताया कि इससे पहले विद्यालय भवन अत्यंत जीर्ण-शीर्ण अवस्था में था। राज्य परियोजना के तहत मिले पांच लाख रुपये से भवन का सौंदर्यीकरण कराया गया, लेकिन छत की मरम्मत और सुरक्षा दीवार का निर्माण नहीं हो सका। परिणामस्वरूप आज भी बारिश के दौरान विद्यालय में भय के माहौल के बीच पठन-पाठन संचालित करना पड़ रहा है।उन्होंने बताया कि वर्ष 1984 में निर्मित इस विद्यालय में वर्तमान में 20 छात्र(आठ बालक और बारह बालिकाएं)अध्ययनरत हैं।

विद्यालय की बदहाल स्थिति को लेकर कई बार विभाग को पत्राचार किया जा चुका है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। विद्यालय प्रशासन ने छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए शीघ्र भवन की छत की मरम्मत और सुरक्षा दीवार के निर्माण की मांग की है।
पूर्व में विद्यालय की चारदीवारी को लेकर विभाग को प्रपोजल भेजा जा चुका है, जिस पर जल्द काम किया जायेगा। विद्यालय की छत का मामला संज्ञान आने पर टीम को निरीक्षण पर भेजने के बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी:भारती गैरोला(खंड शिक्षा अधिकारी, कोट ब्लॉक, पौड़ी गढ़वाल)






