श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड की समृद्ध लोक-सांस्कृतिक धरोहर, विशेषकर मांगल गीतों के संरक्षण और संवर्धन में उल्लेखनीय योगदान देने वाली चमोली की बेटी एवं हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के संगीत विभाग की प्राध्यापिका डॉ. नंदा सती को वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। राज्य सरकार ने इस वर्ष विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 13 महिलाओं का चयन किया है, जिनमें डॉ. नंदा सती का नाम भी शामिल है। पुरस्कार 8 अगस्त को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा प्रदान किया जाएगा।
डॉ. नंदा सती लंबे समय से उत्तराखंड के पारंपरिक मांगल गीतों, लोकधुनों और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए कार्यरत हैं। उन्होंने शोध, मंचीय प्रस्तुतियों और शैक्षणिक गतिविधियों के माध्यम से इन विलुप्त होती लोक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण प्रयास किया है। संगीत के क्षेत्र में उनका योगदान केवल विश्वविद्यालय तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने गांव-गांव में बिखरी लोकसांस्कृतिक विरासत को भी सहेजने का कार्य किया है।
उनके इस सम्मान से चमोली जनपद, गढ़वाल विश्वविद्यालय और उत्तराखंड की लोक-सांस्कृतिक दुनिया में खुशी की लहर है। सांस्कृतिक और शैक्षणिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने इसे उत्तराखंड की लोक परंपराओं के संरक्षण को मिला बड़ा सम्मान बताया है।






