चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले की मनमोहक उर्गम घाटी में स्थित वंशी नारायण मंदिर अपनी अनोखी परंपरा के कारण देशभर के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का विशेष केंद्र है। भगवान विष्णु को समर्पित यह प्राचीन मंदिर वर्ष में केवल एक दिन—रक्षाबंधन के अवसर पर सूर्योदय से सूर्यास्त तक ही खुलता है। सूर्यास्त होते ही मंदिर के कपाट पूरे एक वर्ष के लिए बंद कर दिए जाते हैं।
इस दिन बड़ी संख्या में महिलाएं मंदिर पहुंचकर भगवान नारायण को राखी बांधती हैं और सुख-समृद्धि व परिवार की रक्षा का आशीर्वाद मांगती हैं। यही परंपरा इस धाम को अन्य विष्णु मंदिरों से अलग और बेहद विशिष्ट बनाती है।
स्थानीय मान्यता के अनुसार, जब मंदिर के कपाट बंद रहते हैं, तब शेष 364 दिनों तक देवर्षि नारद स्वयं यहां भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करते हैं। यही विश्वास इस मंदिर की आध्यात्मिक महिमा को और भी रहस्यमयी बना देता है।
हिमालय की गोद में बसे इस दुर्लभ धाम में रक्षाबंधन के दिन उमड़ने वाली श्रद्धा और आस्था का संगम वंशी नारायण मंदिर को उत्तराखंड की अनूठी धार्मिक धरोहरों में विशेष स्थान दिलाता है।






