रुद्रप्रयाग। जिले की दूरस्थ ग्राम पंचायत चौंडा सिराई में सड़क का इंतजार करते-करते ग्रामीणों ने अब खुद ही निर्माण की कमान संभाल ली है। वर्ष 2016-17 में स्वीकृत चौंडा-पालिगाड़-मुरचौंडा मोटर मार्ग का निर्माण नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने 16 अक्टूबर से श्रमदान शुरू कर दिया है। सामाजिक कार्यकर्ता जसोधर सेमवाल के नेतृत्व में ग्रामीण कुदाल-फावड़े लेकर सड़क काटने में जुटे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, 1.75 किलोमीटर लंबे इस मोटर मार्ग को स्वीकृति मिले करीब दस साल हो चुके हैं, लेकिन अब तक धरातल पर काम शुरू नहीं हो पाया। इस दौरान वे कई बार शासन-प्रशासन से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन उन्हें हर बार आश्वासन ही मिला। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में उन्हें आज भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों पर भी उपेक्षा का आरोप लगाया। उनका कहना है कि चुनाव के दौरान वोट मांगने के लिए नेता गांव पहुंचते हैं, लेकिन ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के लिए कोई पहल नहीं होती। विकास के दावों के बीच दूरस्थ गांवों की स्थिति सरकारी व्यवस्था की हकीकत बयां कर रही है।
ग्रामीणों के इस अभियान को उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) ने समर्थन दिया है। सामाजिक कार्यकर्ता लक्ष्मी प्रसाद डिमरी और भगत चौहान ने भी मौके पर पहुंचकर श्रमदान किया और ग्रामीणों का उत्साह बढ़ाया। सड़क निर्माण के लिए ग्रामीणों की यह पहल सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है।






