*श्रीनगर। भाजपा की प्रदेश सह-प्रभारी बांसुरी स्वराज ने कार्यकर्ताओं से 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में अभी से जुटने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगातार तीसरी बार भाजपा सरकार बनाने के लिए संगठन को मजबूत करने के साथ सरकार की उपलब्धियां जन-जन तक पहुंचानी होंगी।मंगलवार को श्रीनगर के अदिति पैलेस में भाजपा जिला पौड़ी की जिला स्तरीय संगठनात्मक बैठक में बांसुरी स्वराज ने पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को इस सवाल का जवाब तलाशना होगा कि आम मतदाता भाजपा को तीसरी बार सत्ता में क्यों लाना चाहेगा। इसके लिए जनता के बीच सक्रियता बढ़ाने और जनसंपर्क मजबूत करने की जरूरत है।उन्होंने कहा कि भाजपा के लिए सत्ता जनकल्याण का माध्यम है। संगठन में किसी भी पदाधिकारी को अहंकार नहीं करना चाहिए। सभी कार्यकर्ता एक ध्वज के नीचे मिलकर काम करें और लोकतंत्र के प्रहरी के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।बांसुरी स्वराज ने कहा कि उत्तराखंड से उनका पारिवारिक जुड़ाव रहा है। उनकी माता स्वर्गीय सुषमा स्वराज को प्रदेश की जनता ने सांसद बनाकर संसद भेजा था। उन्होंने उत्तराखंड के प्रति अपने जुड़ाव और दायित्व को निभाने की बात कही। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की कथित अभद्र भाषा पर भी अफसोस जताया।उन्होंने बताया कि प्रवास के दौरान कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों की सक्रियता, जनसंपर्क तथा संगठनात्मक स्थिति का आकलन किया जा रहा है, ताकि आगामी चुनाव की तैयारियों को प्रभावी बनाया जा सके।बैठक का शुभारंभ जिलाध्यक्ष कमल किशोर रावत के स्वागत संबोधन से हुआ। प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत ने संगठन की मजबूती पर जोर दिया। संचालन जिला महामंत्री गणेश भट्ट ने किया, जबकि जिला प्रभारी नलिन भट्ट ने आभार जताया।**धारी देवी के दर्शन किए**बैठक से पहले बांसुरी स्वराज का पराग डेयरी में युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं और पार्षद पंकज सती की टीम ने स्वागत किया। पौड़ी बस स्टेशन पर महापौर आरती भंडारी और पार्षदों ने उनका स्वागत किया। उन्होंने मां धारी देवी के दर्शन भी किए।बैठक में जिला प्रभारी नलिन भट्ट, जिला सह-प्रभारी रविंद्र राणा, पूर्व जिलाध्यक्ष पुष्कर जोशी, संपत सिंह रावत, सुषमा रावत, बबीता रावत, जिला महामंत्री महिपाल नेगी, गिरीश पैन्यूली, महापौर आरती भंडारी, मंडल अध्यक्ष विनय घिल्डियाल सहित पार्टी के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।







