रुद्रप्रयाग। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को रुद्रप्रयाग में चारधाम सड़क परियोजना के तहत निर्मित पुल-सुरंग मार्ग का निरीक्षण किया। करीब 156 करोड़ रुपये की लागत से बनी इस परियोजना पर ट्रायल के आधार पर आवागमन शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही परियोजना का विधिवत लोकार्पण किया जाएगा।
अलकनंदा नदी पर 200 मीटर लंबे पुल और 900.30 मीटर लंबी सुरंग का निर्माण किया गया है। संपर्क मार्ग सहित परियोजना की कुल लंबाई करीब 1.18 किलोमीटर है। इससे केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-107) और बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-07) सीधे जुड़ेंगे। मार्ग पर नियमित यातायात शुरू होने से चारधाम यात्रा के दौरान रुद्रप्रयाग बाजार में जाम का दबाव कम होगा और श्रद्धालुओं को आवागमन में सुविधा मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे ढलान सुरक्षा एवं स्थिरीकरण कार्यों की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए सड़क संपर्क और आधुनिक आधारभूत सुविधाओं का विकास सरकार की प्राथमिकता है।
संगम लाइब्रेरी का भी किया अवलोकन
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन की ओर से संचालित ‘एक पुस्तक दान करें, ज्ञान का वृक्ष लगाएं’ अभियान के तहत संगम लाइब्रेरी का अवलोकन किया। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा की पहल पर शुरू किए गए इस अभियान के तहत पुस्तकालय को अब तक 2,500 से अधिक पुस्तकें मिल चुकी हैं। इनमें प्रतियोगी परीक्षाओं, सामान्य ज्ञान और साहित्य से संबंधित पुस्तकें शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने भी अभियान में 150 पुस्तकें दान की हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुस्तकें ज्ञान और व्यक्तित्व निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। पुस्तक दान अभियान से विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने और युवाओं में पढ़ने की संस्कृति विकसित करने में मदद मिलेगी। जिलाधिकारी ने बताया कि पुस्तकालय में उपलब्ध पुस्तकों से विशेष रूप से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को लाभ मिल रहा है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी, बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के उपाध्यक्ष विजय कप्रवान, जिलाधिकारी विशाल मिश्रा, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत सहित जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।






