दुर्गम पहाड़ी और कठिन रास्ते बने चुनौती, पांडुकेश्वर की ओर से पैदल घटनास्थल पहुंचे रेस्क्यू दल
ब्यूरो। ज्योतिर्मठ के चाई गांव के ऊपरी पहाड़ी क्षेत्र में हुए हेलीकॉप्टर हादसे में मारे गए छह लोगों के शव निकालने के लिए शनिवार को भी रेस्क्यू अभियान जारी रहा। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र और कठिन रास्तों के कारण बचाव दलों को घटनास्थल तक पहुंचने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। जिला प्रशासन के नेतृत्व में सेना सहित सात एजेंसियों की टीमें अभियान में जुटी हुई हैं।
भारतीय सेना, आईटीबीपी, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस, वन विभाग और जिला प्रशासन की टीमें पांडुकेश्वर की ओर से पैदल पहाड़ी चढ़कर घटनास्थल तक पहुंचीं। टीमें सभी छह पार्थिव शरीरों को सुरक्षित बाहर निकालने में जुटी हैं। इसके साथ ही आसपास के ऊंचाई वाले गांवों की ओर से वैकल्पिक पैदल मार्गों की भी तलाश की जा रही है, ताकि रेस्क्यू अभियान में तेजी लाई जा सके।
ऊंचाई वाले क्षेत्र में मौसम की अनिश्चितता और विषम भौगोलिक परिस्थितियां बचाव कार्य में चुनौती बनी हुई हैं। ऐसे में रेस्क्यू में जुटे जवानों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी जा रही है। सभी एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ अभियान चला रही हैं।
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि रेस्क्यू अभियान की लगातार निगरानी की जा रही है। सभी संबंधित एजेंसियों को आवश्यक संसाधन और सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रशासन का प्रयास है कि सभी छह मृतकों के पार्थिव शरीरों को सुरक्षित निकालकर ज्योतिर्मठ पहुंचाया जाए।







