रुद्रप्रयाग।

जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं के बुरे हाल है। हालात ऐसे हैं कि 108 सेवा रास्ते में ही दम तोड़ रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। स्वास्थ्य केन्द्रों में चिकित्सकों की भारी कमी के चलते जिला चिकित्सालय की दौड़ लगानी पड़ रही है। बीती गुरूवार की रात की घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं पर सवालियां निशान खड़े कर दिए हैं।गुरूवार देत रात दो बजे करीब ग्राम भटगांव (नगरासू) निवासी नीमा देवी पत्नी गुरुदेव सिंह को प्रसव पीड़ा हुई। परिजनों ने तत्काल 108 पर फोन किया। एंबुलेंस मौके पर पहुंची, मगर शिवनंदी के पास अचानक बंद हो गई। दूसरी एंबुलेंस आने में लगभग एक घंटे का समय लग गया, लेकिन इस बीच महिला ने खराब एंबुलेंस में ही बच्चे को जन्म दे दिया।

जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित हैं और जिला अस्पताल में भर्ती हैं।घटना के बाद से क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों में आक्रोश बना हुआ है। क्षेत्र पंचायत सदस्य सतीश राणा ने कहा कि जिले की रानीगढ़ पट्टी में स्वास्थ्य सेवाओं के बुरे हाल हैं। पूरे ही जनपद की स्थिति ऐसी ही बनी हुई है। प्रसव पीड़ित महिला को लेकर जा रही एम्बुलेंस बीच रास्ते में दम तोड़ रही है। ऐसे में किसी भी मरीज के साथ कभी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र घोलतीर नगरासू पर 15 से 20 ग्राम पंचायतों के मरीज निर्भर हैं, लेकिन यहां चिकित्सकों की कमी के चलते ग्रामीणों को जिला चिकित्सालय भागना पड़ता है। स्वास्थ्य केन्द्र में सुविधाएं नहीं होने से मरीज परेशान रहते हैं। उन्होंने जिलाधिकारी प्रतीक जैन और सीएमओ राम प्रकाश को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि स्वास्थ्य केन्द्र की बदहाली के कारण मरीजों को भटकने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नगरासू में स्त्री रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं हो पाई है। इसके अलावा अन्य स्टॉफ की भी कमी है। उन्होंने खराब एंबुलेंस की फिटनेस पर भी सवाल उठाए। कहा कि खराब एम्बुलेंस में मरीजों को ढोया जा रहा है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। स्थिति ऐसी बनी है कि जिले में आठ एंबुलेंस चल रही है, जिनमें बार-बार खराबी आ रही है। लम्बे समय से चल रहे ये 108 वाहन कभी भी मरीजों को मौत के मुंह में धकेल सकते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य स्थापना के 25 वर्ष हो रहे हैं और अभी तक रुद्रप्रयाग विधानसभा की रानीगढ़ और धनपुर पट्टी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए तरस रही है। क्षेत्र की जनता आज भी मूलभूत समस्याओं से जूझ रही है और जिला प्रशासन, शासन और सरकार गंभीर नजर नहीं आ रही है।वहीं, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ राम प्रकाश ने बताया कि जिले के लिए 20 नई एंबुलेंस की मांग शासन से की गई है। वर्तमान में जिले में कुल 12 एंबुलेंस हैं, जिनमें से आठ ही एंबुलेंस कार्य कर रही हैं।







