श्रीनगर गढ़वाल -डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों और ऑनलाइन धोखाधड़ी को देखते हुए ग्रामीण युवाओं को जागरूक करने की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए देवस्थली पीजी कॉलेज ऑफ बायोमेडिकल साइंस एंड रिसर्च, बेलकांडी श्रीनगर में डिजिटल साक्षरता एवं साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।यह कार्यशाला ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी (GEHU), देहरादून कैंपस द्वारा उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (UCOST) के “आउटरीच एंड ट्रेनिंग” कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित की गई, जिसका मुख्य विषय था—“उत्तराखंड के युवाओं के लिए डिजिटल साक्षरता एवं साइबर सुरक्षा जागरूकता”।कार्यशाला का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, ऑनलाइन ठगी से बचाव, मोबाइल एवं ऐप सुरक्षा तथा सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग के प्रति सजग बनाना रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज की प्रधानाचार्य डॉ. गुलशन कुमार ढिंगरा एवं डॉ. नीलम बमोला थपलियाल द्वारा किया गया। उन्होंने परियोजना समन्वयक प्रो. महेश मनचंदा, श्री देव सुमन विश्वविद्यालय ऋषिकेश के प्रो. (डॉ.) गुलशन धींगरा तथा प्रसिद्ध साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ श्री विशेष सानोन का स्वागत करते हुए विद्यार्थियों से डिजिटल तकनीक का सुरक्षित और विवेकपूर्ण उपयोग करने का आह्वान किया।प्रो. महेश मनचंदा ने UCOST-वित्तपोषित परियोजना के उद्देश्यों की जानकारी देते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में साइबर-सजग युवाओं का निर्माण समय की आवश्यकता है। वहीं तकनीकी सत्र में साइबर विशेषज्ञ श्री विशेष सानोन ने डिजिटल धोखाधड़ी के नए तरीकों, मोबाइल व ऐप सुरक्षा, ब्राउज़र सेफ्टी तथा साइबर अपराध की रिपोर्टिंग प्रक्रिया पर सरल एवं व्यावहारिक जानकारी देकर छात्रों को जागरूक किया।कार्यशाला में 150 से अधिक छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी रही। इस अवसर पर डॉ. ज्योति थपलियाल, प्रशांत पांडे सहित अनेक शिक्षकगण उपस्थित रहे।कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों ने UCOST, ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी प्रबंधन एवं देवस्थली पैरामेडिकल नर्सिंग कॉलेज के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई।







