रिखणीखाल/कोटद्वार। उत्तराखंड के पौड़ी जनपद के रिखणीखाल ब्लॉक स्थित कोटड़ी वल्ली गांव के लिए बीते दिन बेहद दुखद साबित हुए। भारतीय सेना में तैनात जवान संदीप सिंह रावत की सड़क हादसे में असामयिक मृत्यु से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। बुधवार को उनके पैतृक गांव में पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम विदाई के दौरान गांव में लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा और हर आंख नम नजर आई।
28 वर्षीय संदीप सिंह रावत पुत्र अर्जुन सिंह रावत राष्ट्रीय राइफल्स में तैनात थे और पिछले आठ वर्षों से भारतीय सेना में रहकर देश सेवा कर रहे थे। वर्तमान में उनकी तैनाती जम्मू-कश्मीर में थी। वह छुट्टियों में अपने गांव आए हुए थे। बताया जा रहा है कि उनकी शादी को अभी एक वर्ष ही पूरा हुआ था और हाल ही में उन्होंने अपनी पहली शादी की सालगिरह मनाई थी।
मंगलवार को संदीप अपने छोटे भाई कुलदीप सिंह रावत के साथ बाइक से देहरादून की ओर जा रहे थे। इसी दौरान लालतप्पड़-नेपाली फार्म क्षेत्र के पास उनकी बाइक सड़क किनारे खड़ी एक स्कूल बस से टकरा गई। हादसा इतना भीषण था कि संदीप सिंह रावत ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि उनके भाई कुलदीप गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल कुलदीप का उपचार हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट में चल रहा है।
जब जवान का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो पूरा क्षेत्र गम में डूब गया। गढ़वाल राइफल्स के जवानों ने उन्हें अंतिम सलामी दी। सैन्य सम्मान के साथ पैतृक घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। शोक स्वरूप कोटड़ी बाजार और स्थानीय स्कूल भी बंद रहे।
ग्रामीणों ने बताया कि दोनों भाई भारतीय सेना में कार्यरत हैं और परिवार का गांव में विशेष सम्मान रहा है। संदीप की असमय मौत से पूरे क्षेत्र में शोक और स्तब्धता का माहौल है।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें तथा घायल जवान कुलदीप सिंह रावत को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ दें।
जय हिंद।




