ब्यूरो-शादी विवाह अन्य आयोजनों में अक्सर लोगों द्वारा पैसे की फिजूलखर्ची की जाती है। जिससे विवाह वाले घर पर पैसों का आर्थिक बोझ पड़ता है। इसी बीच राजधानी देहरादून में शादी विवाह और अन्य आयोजनों में पैसे की फिजूलखर्ची को रोकने के लिए खत शिलगांव के पंचरा भंजरा स्थित महासू देवता मंदिर में बैठक की गई जिसमें शादी विवाह से संबंधित कई सारे महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।राजधानी देहरादून के जौनसार बावर के खत शिलगांव के पंचरा भंजरा महासू देवता मंदिर में बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में फिजूलखर्ची पर रोक लगाने पर चर्चा हुई जिसमें शादी विवाह के सभी आयोजन गांव और घरों में ही संपन्न कराने की सहमति बनी। इतना ही नहीं बल्कि आयोजन विवाह स्थल महंगे पार्क होटल फॉर्म आदि में संपन्न नहीं कराए जाएंगे।महिलाओं को विवाह में तीन गहने पहनने की इजाजत दी गई है। इसके साथ ही शादी में डीजे फास्ट फूड बियर भी आयोजनों में नहीं परोसा जाएगा। पहली शादी में न्यौते के तौर पर अधिकतम ₹100 दिए जाने और कन्यादान में अपनी इच्छा के अनुसार पैसे देने का निर्णय बैठक में लिया गया है। बैठक में यह चेतावनी भी दी गई है कि यदि कोई ग्रामीण फैसले को नहीं मानेगा तो उस पर ₹1लाख का जुर्माना लगाया जाएगा। इतना ही नहीं बल्कि उसका सामाजिक बहिष्कार भी किया जाएगा।







