• About
  • Contact
No Result
View All Result
  • Login
Pahadvasi
  • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • अपराध
  • देश-विदेश
  • पर्यटन
  • यूथ
  • शिक्षा
  • खेल
  • स्वास्थ्य
  • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • अपराध
  • देश-विदेश
  • पर्यटन
  • यूथ
  • शिक्षा
  • खेल
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
Pahad Vasi
No Result
View All Result
Home उत्तराखंड

कैंसर के मरीजों की सुविधा के लिए बेस अस्पताल में खुली पैलिएटिव केयर ओपीडी एवं वार्ड

by पहाड़वासी
October 4, 2024
in उत्तराखंड
Reading Time: 3 mins read
0
Share on WhatsappShare on FacebookShare on Twitter

।

प्रदेश के मा. चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने किया शुभारंभ।

एनेस्थिसिया ,ओंकोलाजिस्ट व सपोर्टिंव टीम के डॉक्टरों की टीम की मौजूदगी में चलेगी पैलिएटिव केयर ओपीडी व आईपीडी।

24 घंटे रहेगी बेस अस्पताल में हेल्प डेस्क की सुविधा, जनता को मिलेगी हर एक जानकारी।

श्रीनगर। प्रदेश के मा. चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत एवं मा. विधायक रूद्रप्रयाग भरत सिंह चौधरी जी ने शुक्रवार को कैंसर के मरीजों के लिए ऑन्कोलॉजी एंड पैलिएटिव केयर ओपीडी की सुविधा का शुभारंभ किया। इसके साथ ही गढ़वाल भर से आने वाले लोगों तथा चार धाम यात्रियों की सहायता हेतु हेल्प डेस्क का भी बेस अस्पताल शुभारंभ किया। जिससे लोगों को अस्पताल से संबंधी सभी प्रकार की जानकारी लेने में सहायता मिलेगी।
बेस अस्पताल में ऑन्कोलॉजी एंड पैलिएटिव केयर ओपीडी एवं हेल्प डेस्क के शुभारंभ अवसर पर प्रदेश के मा. चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि कैंसर व असाध्य रोग से ग्रसित रोगियों की देख-रेख एवं स्वास्थ्य संबंधी किसी भी प्रकार की दिक्कतें हो तो वह पैलिएटिव केयर ओपीडी में आकर अपनी समस्या हल कर सकते है। यहां एनेस्थिसिया व सपोर्टिंव चिकित्सको के डॉक्टरों की टीम मौजूद रहेगी। जबकि कैंसर स्पेशलिस्ट ऑन्कोलॉजी सर्जन डॉ. अजीत तिवारी हर माह के पहले सोमवार और तीसरे सोमवार को ओपीडी लगायेगे। बेस अस्पताल में पहली ओपीडी सात अक्तूबर से लगेगी। डॉ. रावत ने कहा कि बेस अस्पताल में हर रोग के इलाज के डॉक्टरों की तैनाती से लेकर दवा और संसाधनों की सुविधा में लगातार इजाफा किया जा रहा है।

इस मौके पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीएमएस रावत ने ऑन्कोलॉजी एंड पैलिएटिव केयर ओपीडी की शुरुआत करने पर मा. चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री का आभार प्रकट किया। कहा कि कैंसर क साथ – साथ असाध्य रोगो से संबंधी मरीजों को बेस अस्पताल में पैलिएटिव केयर की सुविधा मिलने से लाभ मिलेगा। जबकि स्पेशलिस्ट ऑन्कोलॉजी सर्जन की ओपीडी लगने लोगों की कैंसर संबंधी इलाज व जांच पड़ताल संभंव हो पायेगी। शुरुआत मे ही पता चलने पर मरीज पूर्ण रूप से ठीक हो जाता है। डॉ. रावत ने कहा कि हेल्प डेस्क में ओपीडी, डॉक्टर, वार्ड, ब्लड़ बैंक, लैब, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, एमआरआई, औषधी कक्ष सहित तमाम जानकारियां लोगों को मिल पायेगी। यहीं नहीं हेल्प डेस्क में अस्पताल में हेल्प लाइन नंबर 18001802778 से भी जानकारी ली जा सकेगी। कार्यक्रम में बेस चिकित्सालय के एमएस डॉ. अजेय विक्रम सिंह ने पैलिएटिव केयर ओपीडी से लेकर हेल्प डेस्क के संदर्भ में जानकारी देते हुए कहा कि उक्त सुविधा शुरु होने से मरीजों को इलाज के साथ सहायता भी मिलेगी। जो चारधाम यात्रा के यात्रियों के साथ ही गढ़वाल भर के मरीजों के लिए बेहतर सुविधा होगी। एनेस्थिसिया विभाग के असि. प्रोफेसर डॉ. मोहित को पैलिएटिव केयर ओपीडी का नोडल बनाया गया है। इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष सुषमा रावत, मेडिसिन विभाग के एचओडी डॉ. केएस बुटोला, नेत्र रोग विभाग के एचओडी डॉ. यूसूफ रिजवी, कैंसर विभाग की एचओडी इंदिरा यादव, पैथोलॉजी विभाग की प्रोफेसर डॉ. दीपा हटवाल, ब्लड़ बैंक प्रभारी डॉ. सतीश कुमार, एमएसडब्ल्यू जतिन सिंह, विजय जमलोकी, भवतोश सेमवाल सहित अन्य लोग मौजूद थे। वहीं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अल्ट्रासाउंड कक्ष में पहुंचकर रेडियोलॉजिस्ट डॉ. नुपूर अरोड़ा को तैनाती लेने पर बधाई दी।

पैलिएटिव केयर ओपीडी क्या होती है-

कैंसर व असाध्य रोग मे रोगियों में तरह-तरह के शारीरिक लक्षण शरीर के किसी भी अग मे बहुत समय से गांठ रहना, शरीर के कसी भी हिस्से मे सतत दर्द बने रहना, खून का लगातार रिसाव, पेशाब करने में काफी दिनो की तकलीफ, पेट मे बहुत दिनो का दर्द, बार – बार बेसुधी, लम्बे समय से थकान रहना , भोजन निगलने में परेशानी , नींद व भूख की लगातार कमी , लगातार सांस फूलना की दिक्कत आदि होना है। जिससे उनकी मानसिक परेशानियां भी बढ़ने लगती है। ऐसे में कैंसर व असाध्य रोग के मरीजों को पैलिएटिव केयर एक सबसे अच्छा केन्द्र होता है जहां मरीजों की काउंसलिंग, मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक मजबूती, आध्यात्मिक शक्ति व दर्द को कम कर सकारात्मक रखने में मदद मिलती है। जिससे कि असाध्य रोगी की इमयूनिटी बढने के साथ जीवन प्रत्याशा भी बढ जाती है।

Previous Post

17 अक्तूबर को शीतकाल के लिए बंद होंगे चतुर्थ केदार रुद्रनाथ मंदिर के कपाट

Next Post

शहरों में घूम रहे निराश्रित गौवंशों को कुचल रहे वाहन, गौ रक्षा विभाग के पदाधिकारियों ने की गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष से मुलाकात

पहाड़वासी

पहाड़वासी

Related Posts

व्हाइट कोट सिर्फ परिधान नहीं, जिम्मेदारी और संवेदना का प्रतीक है — डॉ. धन सिंह
उत्तराखंड

व्हाइट कोट सिर्फ परिधान नहीं, जिम्मेदारी और संवेदना का प्रतीक है — डॉ. धन सिंह

January 25, 2026
बच्चों के एक हाथ में गीता और एक हाथ में कंप्यूटर होगा – डॉ. धन सिंह रावत
उत्तराखंड

बच्चों के एक हाथ में गीता और एक हाथ में कंप्यूटर होगा – डॉ. धन सिंह रावत

January 24, 2026
जिला प्रशासन की तत्परता से मिला जीवनरक्षक उपचार,शिक्षक को एयर एम्बुलेंस से एम्स ऋषिकेश किया गया रेफर
उत्तराखंड

जिला प्रशासन की तत्परता से मिला जीवनरक्षक उपचार,शिक्षक को एयर एम्बुलेंस से एम्स ऋषिकेश किया गया रेफर

January 22, 2026
40 साल बाद डागर पट्टी के टोला गांव तक पहुंची सड़क,ढोल-दमांऊ की गूंज से विधायक विनोद कंडारी का ऐतिहासिक स्वागत
उत्तराखंड

40 साल बाद डागर पट्टी के टोला गांव तक पहुंची सड़क,ढोल-दमांऊ की गूंज से विधायक विनोद कंडारी का ऐतिहासिक स्वागत

January 22, 2026
Next Post
शहरों में घूम रहे निराश्रित गौवंशों को कुचल रहे वाहन, गौ रक्षा विभाग के पदाधिकारियों ने की गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष से मुलाकात

शहरों में घूम रहे निराश्रित गौवंशों को कुचल रहे वाहन, गौ रक्षा विभाग के पदाधिकारियों ने की गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष से मुलाकात

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

No Result
View All Result

Categories

  • Uncategorized (9)
  • अन्य (12)
  • अपराध (176)
  • उत्तराखंड (3,854)
  • कुमाऊं (82)
  • खेल (44)
  • गढ़वाल (173)
  • दुर्घटना (204)
  • देश-विदेश (110)
  • धार्मिक (95)
  • पर्यटन (222)
  • यूथ (77)
  • राजनीति (99)
  • रुद्रप्रयाग (804)
  • शिक्षा (106)
  • सामाजिक (204)
  • स्वास्थ्य (73)

Recent.

व्हाइट कोट सिर्फ परिधान नहीं, जिम्मेदारी और संवेदना का प्रतीक है — डॉ. धन सिंह

व्हाइट कोट सिर्फ परिधान नहीं, जिम्मेदारी और संवेदना का प्रतीक है — डॉ. धन सिंह

January 25, 2026
बच्चों के एक हाथ में गीता और एक हाथ में कंप्यूटर होगा – डॉ. धन सिंह रावत

बच्चों के एक हाथ में गीता और एक हाथ में कंप्यूटर होगा – डॉ. धन सिंह रावत

January 24, 2026
जिला प्रशासन की तत्परता से मिला जीवनरक्षक उपचार,शिक्षक को एयर एम्बुलेंस से एम्स ऋषिकेश किया गया रेफर

जिला प्रशासन की तत्परता से मिला जीवनरक्षक उपचार,शिक्षक को एयर एम्बुलेंस से एम्स ऋषिकेश किया गया रेफर

January 22, 2026

A Local pahad news and cultural network of Uttarakhand

© 2022 Pahadvasi. All Rights Reserved

No Result
View All Result
  • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • अपराध
  • देश-विदेश
  • पर्यटन
  • यूथ
  • शिक्षा
  • खेल
  • स्वास्थ्य

© 2022 Pahadvasi. All Rights Reserved

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

You cannot copy content of this page