रुद्रप्रयाग– जनपद में चाइल्ड हेल्पलाइन और बाल कल्याण समिति की सक्रियता से दो बेसहारा बालिकाओं को नया जीवन और सुरक्षित भविष्य की दिशा मिली है। ऊखीमठ विकासखंड के सुदूरवर्ती क्षेत्र राउलेख से प्राप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई।
जानकारी के अनुसार चाइल्ड हेल्पलाइन रुद्रप्रयाग को सूचना मिली थी कि एक विधवा महिला अपनी पांच बेटियों के साथ अत्यंत दयनीय परिस्थितियों में जीवन यापन कर रही है। परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही थी। सूचना मिलते ही परियोजना समन्वयक सुरेंद्र सिंह रावत अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि परिवार किराए के मकान में रहकर कठिन हालात में जीवन बिता रहा है। इससे पहले इसी परिवार की एक 14 वर्षीय बालिका कैंसर से पीड़ित थी, जिसे चाइल्ड हेल्पलाइन द्वारा स्पॉन्सरशिप योजना से जोड़ा गया था, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद परिवार और भी अधिक संकट में आ गया।
परिवार की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए चाइल्ड हेल्पलाइन ने दो बालिकाओं के सुरक्षित भविष्य के लिए उन्हें एसओएस चिल्ड्रन विलेज इंडिया के बौराड़ी (टिहरी गढ़वाल) स्थित केंद्र में भेजने का निर्णय लिया। इसके लिए बाल कल्याण समिति और बाल संरक्षण इकाई के समन्वय से सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की गईं।
दोनों बालिकाओं को विधिवत रूप से संस्था में सुरक्षित संरक्षण हेतु भेज दिया गया है, जहां उनके रहने, पढ़ाई और समुचित पालन-पोषण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।






