रुद्रप्रयाग –
अगस्त्यमुनि क्षेत्र में एक बार फिर बाल विवाह का मामला सामने आया, जहां प्रशासन और संबंधित विभागों की तत्परता से समय रहते कार्रवाई करते हुए एक नाबालिग बालिका का भविष्य सुरक्षित किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 7 मई 2026 की रात लगभग 8 बजे चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर बाल विवाह की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही डॉ. अखिलेश कुमार मिश्र के निर्देशन में गठित टीम ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। टीम में चाइल्ड हेल्पलाइन, बाल कल्याण समिति तथा पुलिस विभाग के अधिकारी शामिल रहे।
शुक्रवार को सुबह करीब 11 बजे टीम डांगी पठालीधार गांव पहुंची, जहां एक नाबालिग बालिका की सगाई क्यार्क बरसूड़ी में होने जा रही थी। मौके पर पहुंचकर अधिकारियों ने वर एवं वधु पक्ष को बाल विवाह निषेध कानून की जानकारी देते हुए बताया कि बाल विवाह एक दंडनीय अपराध है और इसमें दोनों पक्ष कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं। समझाइश और काउंसलिंग के बाद दोनों पक्षों ने सहमति जताई कि बालिका के 18 वर्ष पूर्ण होने के बाद ही उसकी सगाई एवं विवाह किया जाएगा। फिलहाल सगाई को रोक दिया गया है।
इस कार्रवाई में चाइल्ड हेल्पलाइन की काउंसलर पूजा भंडारी, केस वर्कर अखिलेश सिंह, जिला बाल कल्याण समिति की गीता मलासी, पुलिस विभाग से चौकी इंचार्ज भोपाल सिंह तथा कांस्टेबल विनय कोठारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।






