ब्यूरो -मणिपुर से पूरे देश और खासकर उत्तराखंड के लिए बेहद दुखद खबर सामने आ रही है। मणिपुर के उखरुल जिले में 40 असम राइफल्स के काफिले पर आतंकियों ने घात लगाकर हमला कर दिया, जिसमें उत्तराखंड के दो वीर जवान देश की रक्षा करते हुए शहीद हो गए। शहीदों की पहचान अल्मोड़ा निवासी वारंट ऑफिसर (जीडी) बलवंत सिंह और पौड़ी गढ़वाल निवासी हवलदार (जीडी) चंद्रमोहन सिंह के रूप में हुई है।के अनुसार, सोमवार दोपहर 40 असम राइफल्स के जवान ड्यूटी पूरी करने के बाद शांगशाक स्थित बटालियन मुख्यालय लौट रहे थे। इसी दौरान उखरुल जिले के नुंगशांग कोंग क्षेत्र के पास आतंकियों ने घात लगाकर काफिले पर हमला कर दिया।जानकारी के आतंकियों ने अत्याधुनिक हथियारों से ताबड़तोड़ फायरिंग की और आईईडी विस्फोट किए। अचानक हुए इस हमले में वारंट ऑफिसर (जीडी) बलवंत सिंह और हवलदार (जीडी) चंद्रमोहन सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान दोनों वीर जवानों ने मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दे दिया।प्रशासन के अनुसार, दोनों शहीद जवानों के पार्थिव शरीर फिलहाल शांगशाक स्थित असम राइफल्स कैंप में रखे गए हैं। उनका पोस्टमार्टम उखरुल में किया जा रहा है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बुधवार को उनके पार्थिव शरीर उत्तराखंड स्थित उनके पैतृक घरों के लिए रवाना किए जाएंगे। संभावना है कि बुधवार शाम तक दोनों शहीदों के पार्थिव शरीर उनके गांव पहुंच जाएंगे, जहां गुरुवार को पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।घटना के तुरंत बाद सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। फिलहाल किसी भी हमलावर की गिरफ्तारी या मारे जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सुरक्षा बल लगातार आतंकियों की तलाश में अभियान चला रहे हैं।इधर,मणिपुर के गृह मंत्री गोविंददास कोंथौजाम ने इस कायराना आतंकी हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि ऐसी हिंसक घटनाएं राज्य में शांति और सौहार्द बनाए रखने के प्रयासों को प्रभावित करती हैं। उन्होंने शहीद जवानों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस हमले के दोषियों को जल्द से जल्द कानून के दायरे में लाकर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।







