ब्यूरो –
पूर्व छात्र संघ सचिव,देवप्रयाग विधानसभा के सक्रिय युवा नेता रितांशु कंडारी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना से प्रभावित गांवों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए परियोजना के कारण प्रभावित ग्रामीणों को शीघ्र न्याय दिलाने की मांग की।ज्ञापन में कहा गया कि रेल परियोजना के निर्माण कार्य से देवप्रयाग विधानसभा के मलेथा, लक्ष्मोली, देवली, रानीहाट और नैथाना सहित कई गांव प्रभावित हुए हैं। इन गांवों के ग्राम प्रधानों द्वारा पूर्व में भी जिला एवं स्थानीय प्रशासन को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है। मुख्यमंत्री से अनुरोध किया गया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर प्रभावित ग्रामीणों को राहत दिलाई जाए।रितांशु कंडारी ने मुख्यमंत्री को यह भी बताया कि परियोजना के दौरान हुए भारी विस्फोटों से अनेक मकानों और दुकानों में गहरी दरारें आ गई हैं। रेल विकास निगम द्वारा कई प्रभावित भवनों का सर्वे कर मुआवजे का आकलन किया गया, लेकिन बड़ी संख्या में मकान और दुकानें सर्वे से छूट गईं। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद छूटे हुए भवनों का सर्वे और मुआवजा भुगतान अब तक लंबित है।उन्होंने बताया कि इस संबंध में ग्राम प्रधानों ने उपजिलाधिकारी कीर्तिनगर को भी ज्ञापन देकर छूटे हुए मकानों का सर्वे कराने तथा प्रभावित परिवारों को शीघ्र मुआवजा देने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की ओर से पहले तय समय तक समस्या के समाधान का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में प्रभावित ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।रितांशु कंडारी ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि प्रभावित गांवों के लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए शीघ्र आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें समय पर न्याय और राहत मिल सके।







