गोपेश्वर/पीपलकोटी। हाट-सियासैण, मायापुर स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में फंसे दो श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान जारी है। शनिवार को आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने घटनास्थल पहुंचकर बचाव अभियान का स्थलीय निरीक्षण किया और अधिकारियों व रेस्क्यू टीमों से अभियान की प्रगति की जानकारी ली।
मंत्री ने पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, जिला प्रशासन और संबंधित एजेंसियों को उपलब्ध संसाधनों एवं मशीनरी का समन्वित उपयोग करते हुए अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फंसे श्रमिकों को सुरक्षित निकालने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं और रेस्क्यू अभियान जारी रहेगा।

इस दौरान कौशिक ने टनल में कार्यरत हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी के श्रमिक प्रतिनिधिमंडल से भी मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने प्रभावित श्रमिकों और उनके परिजनों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
टनल हादसे और तमकनाले की घटना की समीक्षा
रविवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में मंत्री की अध्यक्षता में आपदा प्रबंधन की समीक्षा बैठक हुई। बैठक की शुरुआत पीपलकोटी टनल हादसे में मृत श्रमिकों को श्रद्धांजलि और दो मिनट के मौन से हुई।
बैठक में टीएचडीसी, एनटीपीसी और बीआरओ के अधिकारियों से टनल हादसे और तमकनाले की घटना की जानकारी ली गई। रेस्क्यू अभियान, उपलब्ध संसाधनों, मशीनरी और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की समीक्षा की गई।
मंत्री ने कहा कि चमोली आपदा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील जनपद है। भूस्खलन, अतिवृष्टि और सड़क अवरोध जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया जरूरी है।
ब्रह्मसैंण भूस्खलन क्षेत्र का भी किया निरीक्षण
इससे पहले मंत्री ने गोपेश्वर के समीप ब्रह्मसैंण क्षेत्र में हो रहे भूस्खलन का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित आवासीय क्षेत्रों की स्थिति देखी और अधिकारियों को सुरक्षा एवं एहतियाती उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस दौरान विधायक कर्णप्रयाग अनिल नौटियाल, विधायक थराली भूपाल राम टम्टा, जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार सहित जनप्रतिनिधि एवं संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।







