श्रीनगर।श्री आदर्श रामलीला समिति की ओर से रामलीला मैदान में आयोजित 127वें वर्ष की रामलीला के आठवें दिन रविवार को लंका दहन, विभीषण निष्कासन और अंगद-रावण संवाद का मंचन किया गया। कलाकारों के सजीव अभिनय ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।लीला का शुभारंभ रामदरबार में भगवान राम और लक्ष्मण द्वारा मां दुर्गा की आरती के साथ हुआ। मंचन में हनुमान ने अशोक वाटिका में रावण पुत्र अक्षय कुमार का वध किया। इसके बाद मेघनाद हनुमान को बंदी बनाकर रावण दरबार में लाया। रावण के आदेश पर हनुमान की पूंछ में आग लगाई गई, जिसके बाद उन्होंने सोने की लंका जला दी। अगले दृश्यों में रावण द्वारा विभीषण को राज्य से निष्कासित करने, रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग की स्थापना और भगवान राम को विजय का आशीर्वाद देने का मंचन हुआ। अंत में अंगद-रावण संवाद और रावण के न मानने पर अंगद द्वारा युद्ध का जयघोष किया गया। अंगद की भूमिका निभाने वाले मुकेश सेमवाल ने अपने अभिनय से खूब तालियां बटोरीं।रावण की भूमिका सुदेश जुगरान, विभीषण की सुधीर डंगवाल, मेघनाद की पंकज बडोनी और अक्षय कुमार की संजय तिवाड़ी ने निभाई। मुख्य निर्देशन वीरेंद्र रतूड़ी ने किया। संगीत पक्ष में जगमोहन, राजमोहन, शिवलाल और संजय पांडे ने मधुर प्रस्तुतियां दीं।मौके पर वीरेंद्र सिंह नेगी, सुधांशु नौडियाल, सूरज नेगी, मयंक बहुगुणा, पुलकित अग्रवाल आदि मौजूद रहे।समिति के संरक्षक बुद्धिबल्लभ उनियाल, हरि प्रसाद उनियाल, दिनेश असवाल और विपिन गौतम सहित अध्यक्ष देवेंद्र मणि मिश्रा, सचिव हिमांशु अग्रवाल, उपाध्यक्ष विजय रावल व आशीष उनियाल तथा अन्य कार्यकर्ताओं ने आयोजन में सहयोग किया।






