देहरादून।
श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के सदस्यों की एक वर्चुअल बैठक वरिष्ठ सदस्य महेंद्र शर्मा के मार्गदर्शन एवं सदस्य दिनेश डोभाल के संयोजन में आयोजित हुई। बैठक में मानसून सत्र के दौरान सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं के साथ ही मंदिर समिति पर लगाए जा रहे विभिन्न आरोपों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक की जानकारी देते हुए समिति सदस्य देवीप्रसाद देवली ने बताया कि सदस्यों ने यात्रा भत्ता को लेकर लगाए जा रहे आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। उनका कहना था कि सभी सदस्यों ने बोर्ड अधिनियम के प्रावधानों के तहत बोर्ड बैठकों, उपसमितियों एवं समिति कार्यों के लिए की गई यात्राओं के अनुसार ही अनुमन्य यात्रा भत्ता प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि यह राज्य स्तरीय समिति है और सदस्यों को विभिन्न कार्यों के लिए लंबी यात्राएं करनी पड़ती हैं।
बैठक में मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण का भी उल्लेख किया गया। सदस्यों ने कहा कि मामला सामने आते ही समिति अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने आरोपी कर्मचारी को तत्काल निलंबित कर चार सदस्यीय आंतरिक जांच समिति गठित कर दी थी। इसके बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर आयुक्त गढ़वाल मंडल की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय जांच समिति भी गठित की गई है, जिसकी जांच जारी है। सदस्यों ने कहा कि जांच रिपोर्ट आने तक सभी को संयम रखना चाहिए।
सदस्य धीरज पंचभैया (मोनू) ने समिति पर झूठे आरोप लगाने वाले व्यक्तियों एवं पोर्टलों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई पर विचार करने की बात कही। साथ ही ईमानदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने तथा कर्मचारियों के लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण कराने की मांग उठाई।
दिनेश डोभाल ने कहा कि वर्तमान समय में सनातन परंपरा एवं धार्मिक संस्थाओं को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने मंदिर समिति से व्यवस्थाओं में आधुनिक तकनीक का अधिकाधिक उपयोग कर पारदर्शिता एवं दक्षता बढ़ाने का आग्रह किया।
राजपाल जड़धारी ने कहा कि ऋषिकेश में समिति कार्यालय स्थानांतरित होने से चारधाम यात्रियों को आवश्यक जानकारियां आसानी से मिल रही हैं। वहीं श्री बदरीनाथ धाम में प्राथमिक दर्शन पर्ची व्यवस्था को भीड़ नियंत्रण और समिति की आय बढ़ाने की दृष्टि से उपयोगी बताया।
राजेंद्र डिमरी ने कहा कि सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त सूचनाओं को तथ्यों से हटकर प्रस्तुत कर भ्रामक प्रचार किया जा रहा है, जिससे धामों की प्रतिष्ठा प्रभावित हो रही है। प्रह्लाद पुष्पवान और डॉ. विनीत पोस्ती ने आरोप लगाया कि अधिकांश मीडिया केवल आरोपों को प्रमुखता दे रहा है, जबकि समिति की उपलब्धियों और सकारात्मक कार्यों की अनदेखी की जा रही है।
राकेश भंडारी एवं कमला बगवाड़ी ने कहा कि बदरीनाथ और केदारनाथ धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र हैं। बिना ठोस साक्ष्य के लगाए जाने वाले आरोप धार्मिक भावनाओं को आहत करते हैं और धामों की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाते हैं।
बैठक का मार्गदर्शन करते हुए महेंद्र शर्मा ने आगामी बोर्ड बैठक में देश के प्रमुख मंदिरों की व्यवस्थाओं का अध्ययन करने के लिए अधिकारियों एवं सदस्यों के संयुक्त अध्ययन दौरे का प्रस्ताव रखने की बात कही। बैठक में सर्वसम्मति से राकेश भंडारी को बदरीनाथ धाम तथा डॉ. विनीत पोस्ती को केदारनाथ धाम से संबंधित विषयों पर समिति का अधिकृत प्रतिनिधि नामित किया गया। साथ ही निर्णय लिया गया कि बीकेटीसी सदस्यों की वर्चुअल बैठक प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को सुबह नौ बजे आयोजित की जाएगी।






