देवप्रयाग के 60 वर्षीय मरीज की हुई पहली एंजियोप्लास्टी
आयुष्मान योजना के तहत मिला निशुल्क उपचार
:श्रीनगर। गढ़वाल मंडल के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के बेस अस्पताल में स्थापित अत्याधुनिक कार्डियो कैथ लैब में पहली बार हृदय रोगियों का सफल उपचार शुरू हो गया है। शुक्रवार को कैथ लैब में तीन मरीजों की सफल एंजियोप्लास्टी तथा एक मरीज को पेसमेकर लगाया गया। सभी मरीजों का उपचार आयुष्मान योजना के तहत पूरी तरह निशुल्क किया गया।
सबसे पहला ऑपरेशन देवप्रयाग से आए 60 वर्षीय व्यक्ति का किया गया, जिसकी सफल एंजियोप्लास्टी के बाद मरीज और उनके परिजनों ने चिकित्सकों एवं मेडिकल स्टाफ का आभार व्यक्त किया। इसके अलावा एक मरीज ऊखीमठ तथा दो महिला मरीज चमोली जिले से उपचार के लिए पहुंचे थे।
कैथ लैब में हृदय रोगियों के ऑपरेशन शुरू होने से पूर्व विधिवत पूजा-अर्चना की गई। पंडित विभोर बहुगुणा ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पूजा संपन्न कराई। इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना, वित्त नियंत्रक प्रशांत कुमार शर्मा, कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अमर उपाध्याय सहित चिकित्सक, टेक्नीशियन और नर्सिंग स्टाफ उपस्थित रहे। पूजा के बाद कैथ लैब का औपचारिक संचालन शुरू किया गया और भर्ती मरीजों के ऑपरेशन किए गए।
दून अस्पताल से पहुंचे वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अमर उपाध्याय ने शनिवार को बेस अस्पताल में कार्डियो ओपीडी का संचालन किया। इस दौरान 30 से अधिक हृदय रोगियों की जांच की गई। मरीजों का इको, टीएमटी सहित अन्य आवश्यक परीक्षण किए गए तथा दवाइयां उपलब्ध कराई गईं। इसके बाद दोपहर में भर्ती मरीजों की कैथ लैब में एंजियोप्लास्टी और पेसमेकर प्रक्रिया संपन्न की गई।
गौरतलब है कि 3 मई को प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने अधिकारियों की बैठक में श्रीनगर बेस अस्पताल में कैथ लैब को जल्द संचालित करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कीं और शुक्रवार से कैथ लैब में हृदय रोगियों का इलाज शुरू हो गया। उल्लेखनीय है कि बेस अस्पताल में कैथ लैब की स्थापना 19 जुलाई 2024 को हो गई थी, लेकिन अब जाकर यहां नियमित रूप से हृदय संबंधी जटिल उपचार शुरू हो पाए हैं। इससे गढ़वाल मंडल के हजारों मरीजों को राहत मिलेगी, जिन्हें पहले देहरादून या बड़े महानगरों का रुख करना पड़ता था।
कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अमर उपाध्याय ने बताया कि पहले ही दिन तीन मरीजों की एंजियोप्लास्टी और एक मरीज को पेसमेकर लगाया गया। सभी मरीजों का उपचार आयुष्मान कार्ड के माध्यम से निशुल्क किया गया। उन्होंने कहा कि अब गढ़वाल क्षेत्र के हृदय रोगियों को स्थानीय स्तर पर आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी, जिससे समय और आर्थिक बोझ दोनों कम होंगे।
उन्होंने बताया कि भर्ती मरीजों की निगरानी के लिए विशेषज्ञ टीम लगातार तैनात है। टीम में मेडिसिन विभाग के डॉ. विनोद तिवारी, डॉ. गीतांशु कपूर, टेक्नीशियन शिव चरण, दिनेश, सूरज तथा नर्सिंग अधिकारी ज्ञानेंद्र, अमित, आकाश, गीता, मनोज और सनी शामिल रहे।
गढ़वाल के लिए बड़ी स्वास्थ्य उपलब्धि : प्राचार्य
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने कहा कि बेस अस्पताल में कैथ लैब सेवा शुरू होना पूरे गढ़वाल क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि यहां अब हृदय रोगियों को ओपीडी से लेकर एंजियोप्लास्टी और पेसमेकर जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि भविष्य में इस सेवा का और अधिक विस्तार किया जाएगा, ताकि गढ़वाल क्षेत्र के लोगों के साथ-साथ चारधाम यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्रियों को भी समय पर बेहतर हृदय चिकित्सा सुविधा मिल सके।
परिजनों ने जताया आभार —
मरीज के साथ पहुंचे दीपक पालीवाल एवं अन्य परिजनों ने बेस अस्पताल श्रीनगर में कैथ लैब सेवा शुरू होने पर प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार और मेडिकल कॉलेज प्रशासन की पहल से अब गढ़वाल क्षेत्र के हृदय रोगियों को स्थानीय स्तर पर ही अत्याधुनिक उपचार सुविधा मिल रही है, जिससे लोगों को बड़ी राहत मिली है।
परिजनों ने विशेष रूप से कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अमर उपाध्याय का धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके श्रीनगर पहुंचने से मरीजों को इलाज के लिए देहरादून नहीं जाना पड़ा। समय रहते बेस अस्पताल में ही सफल उपचार मिलने से मरीज और परिवार को मानसिक एवं आर्थिक राहत मिली है। उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों के मरीजों के लिए यह सुविधा किसी वरदान से कम नहीं है, क्योंकि गंभीर हृदय रोग की स्थिति में लंबी दूरी तय करना बेहद कठिन और जोखिमभरा होता है।
परिजनों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी बेस अस्पताल में इसी प्रकार विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं नियमित रूप से मिलती रहेंगी, ताकि गढ़वाल मंडल के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए बड़े शहरों पर निर्भर न रहना पड़े।







