ब्यूरो –
बद्रीनाथ धाम में एफआईआर दर्ज हो गई है। एसआईटी जांच में जो भी दोषी मिलेगा, किसी को नहीं बख्शा जाएगा
उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाने की दिशा में तेजी से हो रहा कार्य
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बद्रीनाथ धाम मंदिर में चढ़ावे में कथित चोरी के मामले को अत्यंत गंभीर बताते हुए कहा कि इस तरह का कृत्य गौहत्या और माता-पिता की हत्या जैसा महापाप है। उन्होंने कहा कि बद्रीनाथ धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और वहां चढ़ावे में किसी भी प्रकार की हेराफेरी या चोरी अक्षम्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले की जांच एसआईटी कर रही है। जो भी व्यक्ति जांच में दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और सरकार इस मामले में पूरी गंभीरता से कार्रवाई कर रही है। बुधवार को सीएम धामी प्रेमनगर आश्रम में आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा के समापन समारोह में शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सनातन चेतना का पुनर्जागरण हो रहा है और उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाने की दिशा में तेजी से कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने अगले वर्ष होने वाले कुंभ में श्रद्धालुओं को शामिल होने का निमंत्रण दिया। धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने सांस्कृतिक विरासत और सनातन मूल्यों की रक्षा के लिए समान नागरिक संहिता (यूसीसी), सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून तथा भूमि संबंधी अवैध कब्जों और अन्य अवैध गतिविधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि पूज्य मुरारी बापू केवल श्रीराम कथा के वाचक नहीं, बल्कि भगवान श्रीराम के आदर्शों और भारतीय संस्कृति के जीवंत संवाहक हैं।
इस अवसर पर परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि भारत की वास्तविक पहचान उसके संतों से है, जिनकी सोच हिमालय जैसी ऊंची, गंगा जैसी पवित्र और सागर जैसी गहरी है। उन्होंने कहा कि भारत ने सदियों से विश्व को वसुधैव कुटुंबकम् का संदेश दिया है। उन्होंने मुरारी बापू की साधना को समाज के लिए प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि वे आज भी करोड़ों लोगों को आध्यात्मिक मार्गदर्शन दे रहे हैं। स्वामी चिदानंद ने मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा सनातन संस्कृति और जनहित से जुड़े विषयों पर लिए गए निर्णयों की भी सराहना की।







