कीर्तिनगर । देवप्रयाग विधानसभा के हिंसरियाखाल क्षेत्र स्थित ग्राम नेल त्वरण के समीप मौजूद प्राचीन ऐतिहासिक गुफा के संरक्षण और वैज्ञानिक सर्वेक्षण की मांग उठी है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन और शासन से गुफा की प्राचीनता की जांच कराकर इसे पर्यटन मानचित्र में शामिल करने की अपील की है।

ब्लॉक कांग्रेस कमेटी कीर्तिनगर के महासचिव नरेश उमरियाल तथा सामाजिक कार्यकर्ता विजय कोहली और मंगत मटियाल ने कहा कि स्थानीय मान्यता के अनुसार गुफा करीब 1400 से 1500 वर्ष पुरानी मानी जाती है। उन्होंने बताया कि गुफा के प्रवेश द्वार के समीप चट्टानों पर भगवान गणेश, भगवान शिव और माता पार्वती की आकृतियां उकेरी गई हैं। वहीं, भीतर की दीवारों पर प्राचीन चित्रों और अज्ञात अंक अथवा लिपि जैसे चिह्न होने का दावा किया गया है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पुरातत्व विभाग से गुफा का वैज्ञानिक सर्वेक्षण और आवश्यक परीक्षण कराने की मांग की है। साथ ही गुफा तक जाने वाले पैदल मार्ग के सुधारीकरण, सुरक्षा व्यवस्था और सूचना पट्ट स्थापित करने की भी अपील की। उनका कहना है कि गुफा को पर्यटन मानचित्र में शामिल किए जाने से क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हो सकते हैं।






