श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल (केंद्रीय) विश्वविद्यालय के हिंदी एवं आधुनिक भारतीय भाषा विभाग, बिड़ला परिसर की ओर से भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर), नई दिल्ली के सहयोग से 7 और 8 सितंबर 2026 को “डिजिटल युग में उत्तराखंड की लोकसंस्कृति और पॉप कल्चर” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की जाएगी।
विश्वविद्यालय के शैक्षणिक क्रियाकलाप केंद्र, चौरास परिसर में होने वाली इस संगोष्ठी में लोक कलाकारों और अकादमिक जगत को एक साझा मंच पर लाया जाएगा। इसमें गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी, पद्मश्री प्रीतम भरतवाण, लोकगायिका अनुराधा निराला, डिजिटल माध्यम से पहाड़ी संस्कृति को पहचान दिलाने वाले दर्शन फर्स्वाण, अमित सागर और अंजलि खरे सहित कई प्रमुख कलाकार अपने अनुभव साझा करेंगे। पंचतत्व बैंड के अभिषेक नौटियाल, अरविंद चौहान और लोकगायक सचिन पुसोला भी संगोष्ठी का हिस्सा होंगे।
संगोष्ठी संयोजक डॉ. कपिल देव पंवार ने बताया कि देशभर के विश्वविद्यालयों के शिक्षकों, शोधार्थियों और विशेषज्ञों से शोधपत्र आमंत्रित किए गए हैं। इसका उद्देश्य डिजिटल दौर में उत्तराखंड की लोकभाषा, लोकसाहित्य, लोकसंगीत, लोककलाओं और पॉप कल्चर के बदलते संबंधों पर गंभीर अकादमिक विमर्श को आगे बढ़ाना है।
विभागाध्यक्ष प्रो. मंजुला राणा ने कहा कि आयोजन में सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, डिजिटलीकरण और नई पीढ़ी तक प्रभावी संप्रेषण पर विशेष चर्चा होगी। संगोष्ठी में प्रो. गोविंद सिंह, प्रो. देव सिंह पोखरिया, प्रो. गुरूप्रसाद सिंह समेत कई प्रतिष्ठित शिक्षाविदों और वरिष्ठ लोकसाहित्यकारों की सहभागिता भी रहेगी।






