श्रीनगर, गढ़वाल । हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर माउंटेन टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी स्टडीज (सीएमटीएचएस) में विश्व पर्यटन दिवस के उपलक्ष्य में 25 से 27 सितंबर तक तीन दिवसीय ‘टूरो फेस्ट-2026’ का आयोजन होगा। कार्यक्रम का शुभारंभ 25 सितंबर को उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज करेंगे।
पहले दिन पर्यटन के समकालीन विषयों, तकनीकी नवाचार और सतत पर्यटन पर राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित होगी। 26 सितंबर को रंगोली, फेस पेंटिंग, पोस्टर मेकिंग, आर्ट एंड क्राफ्ट, बुके मेकिंग और फूड फेस्ट जैसी रचनात्मक प्रतियोगिताएं होंगी।
27 सितंबर को स्वामी मन्मथन ऑडिटोरियम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ समारोह का समापन होगा, जिसमें लेखिका एवं समाजसेविका विदुषी निशंक विशिष्ट अतिथि रहेंगी। इस अवसर पर सामाजिक सहभागिता के लिए दिए जाने वाले ‘सैर सलीका पुरस्कार’ भी प्रदान किए जाएंगे।
समारोह में विभाग की पुस्तक ‘ए फील्ड गाइड टू कम्युनिटी पार्टिसिपेशन इन टूरिज्म’, इंटरनेशनल जर्नल ऑफ टूरिज्म और हिमालयन टूरिज्म मैगजीन के नए अंकों का विमोचन किया जाएगा। साथ ही सीएमटीएचएस के दो विद्यार्थियों को प्रतिष्ठित ट्रैवल कंपनी सीता में चयनित होने पर सम्मानित किया जाएगा।
विभागाध्यक्ष प्रो. राकेश कुमार ढोडी ने बताया कि कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित यह उत्सव विद्यार्थियों को पर्यटन, उद्यमिता, सामाजिक सहभागिता और जिम्मेदार पर्यटन के नए आयामों से जोड़ने का प्रयास है।
इन्हें दिए जाएंगे ‘सैर सलीका’ पुरस्कार
श्रीनगर,। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के पर्यटन विभाग की ओर से 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस पर आयोजित पर्यटन उत्सव में जिम्मेदार पर्यटन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वालों को ‘सैर सलीका पुरस्कार’ से सम्मानित किया जाएगा।
परियोजना अधिकारी डॉ. सर्वेश उनियाल ने बताया कि इस वर्ष शैलेन्द्र रावत (खोली होम स्टे, कालीमाटी), प्रकृति चित्रकार मुकुल बड़ौनी (उत्तरकाशी), चांदनी अरोड़ा (साइकिल सखी), संदीप गुसाईं (रूरल टेल्स), डॉ. दर्शन सिंह नेगी (राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोपेश्वर), धन सिंह (पेड़ वाले गुरुजी, गोपेश्वर), प्रथम (संवेदना से सेवा तक, देहरादून), कीर्ति नवानी (विंसर पब्लिकेशन), विक्रम रावत उत्तरांश और उत्तरा को विभिन्न क्षेत्रों में जिम्मेदार पर्यटन के लिए सम्मानित किया जाएगा।
क्या है ‘सैर सलीका‘
डॉ. उनियाल ने बताया कि ‘सैर सलीका’ का उद्देश्य पर्यटन को केवल मनोरंजन तक सीमित न रखकर स्वच्छता, पर्यावरण एवं विरासत संरक्षण, सामुदायिक सहभागिता, स्थानीय उत्पादों के प्रोत्साहन, बेहतर आतिथ्य और संतुलित पर्यटन की अवधारणा को बढ़ावा देना है। आस्था, आध्यात्म, प्रकृति, संस्कृति, अध्ययन और अनुभूति से जुड़ा जिम्मेदार भ्रमण ही ‘सैर सलीका’ की मूल भावना है।






