देहरादून। उत्तराखंड इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड (UIIDB) द्वारा विभिन्न सरकारी विभागों की करीब 7000 बीघा जमीन को अपने अधीन लेकर नीलामी की प्रक्रिया शुरू किए जाने के विरोध में मंगलवार को उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) ने UIIDB कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। दल ने बोर्ड को तत्काल भंग करने और प्रस्तावित नीलामी पर रोक लगाने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कार्यालय के मुख्य द्वार पर विरोध स्वरूप बैनर लगाकर सरकार की जमीन संबंधी नीतियों का विरोध किया। उक्रांद के मूल निवास भू-कानून प्रकोष्ठ के अध्यक्ष लूशुन टोडरिया ने आरोप लगाया कि सरकारी जमीनों को बड़े पूंजीपतियों के हवाले करने की तैयारी राज्य आंदोलन की मूल भावना और मूल निवासियों के अधिकारों के खिलाफ है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो प्रदेशव्यापी जनआंदोलन चलाया जाएगा।
केंद्रीय उपाध्यक्ष शांति प्रसाद भट्ट, केंद्रीय महामंत्री मीनाक्षी घिल्डियाल, संगठन मंत्री प्रकाश भट्ट, उपाध्यक्ष राकेश नेगी और महिला प्रकोष्ठ की उपाध्यक्ष संगीता सकलानी बहुगुणा ने भी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए उक्रांद आंदोलन जारी रखेगा। प्रदर्शन में कपिल रावत, दिनेश पंत, पंकज पोखरियाल, अजय सिंह, सुचेता उनियाल, आनंद कोठारी, सुनील मेंदोलिया, कैप्टन धर्मेंद्र असवाल और संदीप रावत समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।






