चमोली
चमोली जिले के नंदानगर घाट क्षेत्र के मुख्य गांवों में ग्रामीण आज भी जान जोखिम में डालकर मौख गाड़ को पार करने को मजबूर हैं। सितंबर 2025 की आपदा में क्षेत्र के पैदल मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे, लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बाद भी उनका पुनर्निर्माण नहीं हो सका है।
रास्ते बह जाने के कारण ग्रामीण रोजमर्रा के कामकाज के लिए उफनाते गदेरे को पार कर आवागमन कर रहे हैं। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों और उनके अभिभावकों को झेलनी पड़ रही है। कई स्थानों पर अभिभावक बच्चों को पीठ पर बैठाकर तेज बहाव वाले नाले को पार कराने के लिए मजबूर हैं। बरसात के मौसम में जलस्तर बढ़ने से हादसे का खतरा लगातार बना हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि पैदल पुल और क्षतिग्रस्त रास्तों के निर्माण की मांग को लेकर कई बार प्रशासन से गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन अब तक न तो वैकल्पिक मार्ग बनाया गया है और न ही स्थायी पैदल पुल का निर्माण शुरू हो पाया है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से शीघ्र पैदल पुल और क्षतिग्रस्त मार्गों का निर्माण कराने की मांग की है, ताकि ग्रामीणों की आवाजाही सुरक्षित हो सके और स्कूली बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित न हो।






