ब्यूरो -हिमालय की दुर्गम चोटियों पर तिरंगा फहराने के लक्ष्य के साथ नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (एनआईएम), उत्तरकाशी का प्रतिष्ठित माउंट नुन–कुन अभियान 2026 शुरू हो गया है। संस्थान के प्रधानाचार्य कर्नल एस.एस. राजपुरोहित के नेतृत्व में 14 सदस्यीय अभियान दल यात्रा के पहले चरण को पूरा करते हुए जम्मू-कश्मीर के सोनमर्ग पहुंच गया है, जहां पर्वतारोहियों ने उच्च हिमालयी परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को ढालने के लिए अनुकूलन (एक्लिमेटाइजेशन) प्रक्रिया शुरू कर दी है। एनआईएम के अनुसार, दल अनुकूलन पूरा होने के बाद ट्रेक के माध्यम से लद्दाख की सुरु घाटी स्थित बेस कैंप पहुंचेगा। इसके बाद मौसम और पर्वतीय परिस्थितियां अनुकूल रहने पर 7,135 मीटर ऊंचे माउंट नुन और 7,077 मीटर ऊंचे माउंट कुन पर आरोहण का प्रयास किया जाएगा। माउंट नुन और कुन भारत की सबसे चुनौतीपूर्ण हिमालयी चोटियों में गिने जाते हैं। इन पर सफल चढ़ाई के लिए तकनीकी दक्षता, मजबूत शारीरिक क्षमता, अनुशासन और बेहतरीन टीमवर्क की आवश्यकता होती है। अभियान की पूरी योजना सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और पर्वतारोहण के नैतिक मानकों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तैयार की गई है।






