राजधानी गैरसैंण जनजागृति यात्रा आज 9 अगस्त को शहीद मोहन बाबा उत्तराखंडी की समाधि स्थल बैनीताल पहुंची।यात्रा का नेतृत्व युवा नेता आशीष नेगी ने किया। इस दौरान यूकेडी कार्यकर्ताओं ने शहीद स्थल पहुंचकर मोहन बाबा उत्तराखंडी को श्रद्धांजलि अर्पित की।इस अवसर पर आशीष नेगी ने कहा कि मोहन बाबा उत्तराखंडी ने स्थायी राजधानी गैरसैंण के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया और पहाड़ की जनता को स्थायी राजधानी गैरसैंण के महत्व का संदेश दिया। उनका बलिदान उत्तराखंड के इतिहास में हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मोहन बाबा उत्तराखंडी को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब स्थायी राजधानी गैरसैंण के सपने को साकार करने के लिए निर्णायक संघर्ष किया जाएगा। भाजपा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने जीते-जी मोहन बाबा उत्तराखंडी के संघर्ष और मांग को सम्मान नहीं दिया, वे आज उनके नाम पर स्मृति मेले और उत्सव आयोजित कर रहे हैं। सच्ची श्रद्धांजलि उत्सव मनाना नहीं, बल्कि उनके सपने को पूरा करना है।आशीष नेगी ने कहा कि मोहन बाबा उत्तराखंडी का सपना और उत्तराखंड आंदोलनकारियों का संघर्ष तभी सार्थक होगा, जब गैरसैंण को उत्तराखंड की स्थायी राजधानी बनाया जाएगा। राजधानी गैरसैंण जनजागृति यात्रा इसी संकल्प के साथ आगे बढ़ती रहेगी। कहा कि,जनजागृति यात्रा का उद्देश्य केवल राजधानी की मांग को दोहराना नहीं, बल्कि गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने के साथ-साथ पहाड़ के जल, जंगल, जमीन, रोजगार, कृषि, मंडी व्यवस्था और बोली-भाषा के अधिकारों को लेकर जनता को जागरूक करना है।राजधानी गैरसैंण जनजागृति यात्रा के माध्यम से बैनीताल में मौजूद अपार जनसमूह को स्थायी राजधानी गैरसैंण,जल-जंगल-जमीन की सुरक्षा, मंडी व्यवस्था, पहाड़ की कृषि एवं स्थानीय संसाधनों के संरक्षण,महंगे पेड़ों की खेती तथा उत्तराखंड की बोली-भाषा और संस्कृति के संरक्षण के विषय में जानकारी दी गई। इस दौरान यात्रा में वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी के.के. डिमरी,वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी पान सिंह रावत, राज्य आंदोलनकारी मदन मोहन नवानी,अर्जुन कंडारी, युवा प्रकोष्ठ प्रवक्ता अरुण नेगी सहित स्थानीय जनता मौजूद रही।






