रुद्रप्रयाग। केदारनाथ यात्रा 2026 को सुचारु और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग तेज हो गई है। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के सदस्य डॉ. विनीत पोस्ती ने जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग को पत्र भेजकर यात्रा के दौरान कानून व्यवस्था को कड़ाई से लागू करने की अपील की है।
पत्र में बताया गया है कि विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम की यात्रा में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। प्रशासन, पुलिस और मंदिर समिति के संयुक्त प्रयासों से यात्रा को सुव्यवस्थित बनाने का कार्य किया जाता रहा है, लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों के कारण धाम की छवि प्रभावित हो रही है।
पत्र में प्रमुख रूप से आठ बिंदुओं पर कार्रवाई की मांग की गई है—
केदारनाथ यात्रा मार्ग पर मांस-मदिरा के सेवन और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लागू किया जाए।
बाहरी तत्वों द्वारा माहौल खराब करने की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई हो तथा ऐसे लोगों को जिला बदर किया जाए।
डंडी-कंडी, पालकी और घोड़ा-खच्चर संचालन में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जाए, ताकि बाहरी हस्तक्षेप कम हो।
मंदिर क्षेत्र में चोरी की बढ़ती घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस और स्थानीय समितियों के बीच बेहतर समन्वय बनाया जाए।
मोबाइल व अन्य संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई जाए।
श्रद्धालुओं को गुमराह कर दान के लिए दबाव बनाने वाले फर्जी साधु-संतों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
केदारनाथ में हथियार रखने जैसी घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए सख्त जांच की जाए।
धाम में गांजा, भांग जैसे नशीले पदार्थों के बढ़ते प्रचलन पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
डॉ. पोस्ती ने अपने पत्र में कहा है कि यदि इन बिंदुओं पर प्रभावी कार्रवाई की जाती है, तो केदारनाथ धाम के प्रति श्रद्धालुओं का विश्वास और मजबूत होगा तथा यात्रा अधिक सुव्यवस्थित ढंग से संचालित हो सकेगी।
उन्होंने प्रशासन से शीघ्र आवश्यक कदम उठाने की मांग करते हुए कहा कि केदारनाथ यात्रा की गरिमा और पवित्रता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।






