देहरादून:-रायवाला क्षेत्र में कांवड़ यात्रा के दौरान दो श्रद्धालुओं को वाहन से टक्कर मारने और उनमें से एक के शव को साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से गंगनहर में फेंकने के सनसनीखेज मामले का दून पुलिस ने खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त मैक्स वाहन भी कब्जे में ले लिया है, जबकि लापता श्रद्धालु के शव की तलाश गंगनहर में लगातार जारी है।एसएसपी देहरादून के निर्देश पर गठित पुलिस टीम ने गुमशुदगी और सड़क दुर्घटना के मामलों की कड़ियों को जोड़ते हुए इस पूरे मामले का पर्दाफाश किया।पुलिस के अनुसार, 29 जुलाई 2026 को हरियाणा निवासी दीपक राठी ने अपने पिता प्रदीप राठी (54) की गुमशुदगी की रिपोर्ट रायवाला कोतवाली में दर्ज कराई थी। प्रदीप राठी कांवड़ लेने ऋषिकेश आए थे और 26 जुलाई की सुबह थाना रायवाला के सामने लगे सीसीटीवी कैमरे में अंतिम बार दिखाई दिए थे।जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि उसी सुबह करीब 5:30 बजे वन डिपो के पास एक अज्ञात वाहन ने दो कांवड़ियों को टक्कर मार दी थी। हादसे में राजस्थान निवासी सत्यनारायण की उपचार के दौरान मौत हो गई थी, जबकि दूसरे घायल की पहचान नहीं हो सकी थी। सीसीटीवी फुटेज परिजनों को दिखाने पर दूसरे व्यक्ति की पहचान प्रदीप राठी के रूप में हुई।इसके बाद पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की जांच कर वाहन और उसके चालक की पहचान की। पूछताछ में आरोपी रविन्द्र सिंह नेगी (23) ने स्वीकार किया कि वाहन चलाते समय उसे झपकी आ गई, जिससे दो कांवड़िए उसकी मैक्स गाड़ी की चपेट में आ गए। एक व्यक्ति मौके पर गिर गया, जबकि दूसरा वाहन में फंसकर कुछ दूर तक घिसटता रहा।आरोपी ने बताया कि घायल को अस्पताल ले जाने के दौरान उसकी मौत हो गई। घबराकर उसने अपने मौसेरे भाई सौरभ सिंह पंवार (26) को बुलाया और दोनों ने मिलकर शव को प्लास्टिक की तिरपाल में लपेटकर रुड़की क्षेत्र में आसफनगर झाल के आगे गंगनहर में फेंक दिया, ताकि घटना के साक्ष्य मिटाए जा सकें।पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त मैक्स वाहन (UK02TA-1488), शव को लपेटने में प्रयुक्त पीली तिरपाल और मैट बरामद कर लिया है। पुलिस की टीमें गंगनहर में प्रदीप राठी के शव की तलाश में जुटी हैं।इस कार्रवाई में रायवाला कोतवाली प्रभारी निरीक्षक कमल कुमार लुण्ठी के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।






