:पौड़ी गढ़वाल
चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र के विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्यूंसी झील एवं बैराज निर्माण परियोजना को अब धरातल पर उतारने की दिशा में बड़ी प्रगति हुई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के अंतर्गत प्रस्तावित इस महत्वाकांक्षी योजना की ई-टेंडरिंग प्रक्रिया शुरू हो गई है। लगभग 123.41 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह बहुउद्देशीय परियोजना क्षेत्र में सिंचाई, पेयजल, पर्यटन, मत्स्य पालन, जल संरक्षण तथा आधारभूत सुविधाओं को नई मजबूती प्रदान करेगी।
कैबिनेट मंत्री एवं चौबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज ने बताया कि क्षेत्रीय जनता की लंबे समय से चली आ रही मांग के अनुरूप विकासखंड बीरोंखाल में पूर्वी नयार नदी पर प्रस्तावित स्यूंसी बैराज एवं जलाशय निर्माण योजना को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। उन्होंने इस परियोजना को गति प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना क्षेत्र के समग्र विकास में मील का पत्थर साबित होगी।
उन्होंने बताया कि स्यूंसी बाजार के समीप बंगार झूला पुल के डाउनस्ट्रीम में प्रस्तावित बैराज छह मीटर ऊंचा और 60 मीटर चौड़ा होगा, जिसमें 10×6.5 मीटर आकार के छह गेट लगाए जाएंगे। बैराज के निर्माण से लगभग 700 मीटर लंबी झील का निर्माण होगा, जो क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता को नई पहचान देने के साथ-साथ पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा देगी।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि परियोजना पूर्ण होने के बाद लगभग 44 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, जबकि 56 गांवों की पेयजल व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इसके अतिरिक्त जल संरक्षण, भूजल संवर्धन, मत्स्य पालन, नौकायन और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में भी नए अवसर विकसित होंगे, जिससे स्थानीय लोगों की आजीविका और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने बताया कि परियोजना की हाइड्रोलिक एवं स्ट्रक्चरल डिजाइन आईआईटी रुड़की द्वारा तैयार की गई है। योजना के अंतर्गत दो लेन के पुल तथा एप्रोच रोड का निर्माण भी किया जाएगा। इससे बंगार और मंगरौ क्षेत्र के ग्रामीणों की राष्ट्रीय राजमार्ग-309 तक पहुंच अधिक सुगम होगी तथा शिक्षा, स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाओं तक पहुंच में भी उल्लेखनीय सुधार आएगा।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि 12341.56 लाख रुपये लागत की इस परियोजना को प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति के लिए शासन को भेजा गया है। स्वीकृति प्रक्रिया प्रगति पर है, जबकि समानांतर रूप से ई-टेंडरिंग की कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है, जिससे स्वीकृति प्राप्त होते ही निर्माण कार्य शीघ्र शुरू किया जा सके।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि स्यूंसी झील एवं बैराज परियोजना क्षेत्र में विकास, रोजगार और पर्यटन की नई संभावनाओं के द्वार खोलेगी तथा चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र को एक नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।







