पौड़ी गढ़वाल – यमकेश्वर विकासखंड अंतर्गत ग्राम देवराना में गुलदार का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार दोपहर घर के पास बकरियां चरा रही एक महिला पर गुलदार ने अचानक हमला कर दिया। हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। ग्रामीणों के शोर मचाने पर किसी तरह गुलदार मौके से भागा, जिसके बाद महिला की जान बच सकी। लगातार हो रही घटनाओं से पूरे गांव में दहशत का माहौल है।
जानकारी के अनुसार ग्राम देवराना निवासी श्रीमती प्रमिला, पत्नी मनोज कुमार ग्वाड़ी, मंगलवार दोपहर अपने घर के समीप बकरियां चरा रही थीं। इसी दौरान झाड़ियों में घात लगाए बैठे गुलदार ने बकरियों पर हमला करने के बजाय सीधे महिला पर झपट्टा मार दिया। हमले में गुलदार ने महिला के पैरों पर वार करते हुए मांस नोच लिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। घायल होने के बावजूद महिला ने हिम्मत नहीं हारी और शोर मचाया। आसपास मौजूद ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद गुलदार को वहां से खदेड़ने में सफल रहे।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले लगभग दो सप्ताह के दौरान गुलदार गांव में तीन बकरियों के अलावा गाय और बैल जैसे पालतू पशुओं को भी अपना शिकार बना चुका है। लगातार हो रहे हमलों के कारण ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है।
ग्रामीणों और ग्राम प्रधान के अनुसार कुछ दिन पहले भी गांव की एक महिला पर गुलदार ने हमला कर उसे नाखून मारकर घायल कर दिया था। इस घटना के बाद ग्राम प्रधान देवराना, जिला पंचायत सदस्य उमरोली और ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों को गांव में बढ़ते खतरे से अवगत कराते हुए तत्काल सुरक्षा उपाय करने की मांग की थी।
वन विभाग की टीम गांव पहुंची और गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ट्रेस कैमरे तो लगाए, लेकिन अब तक कोई पिंजरा स्थापित नहीं किया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि इसी कारण गुलदार बेखौफ होकर गांव के आसपास घूम रहा है और लगातार हमलों को अंजाम दे रहा है।
लगातार बढ़ते हमलों के चलते गांव के लोगों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो गई है। सूर्यास्त के बाद लोग घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। बच्चों को अकेले बाहर भेजना तो दूर, अभिभावक उन्हें स्वयं स्कूल छोड़ने और वापस लाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो गुलदार मानव जीवन के लिए और अधिक खतरनाक साबित हो सकता है।
ग्रामीणों ने प्रभागीय वनाधिकारी और लालढांग रेंज के अधिकारियों से गांव में तत्काल पिंजरे लगाने, गुलदार को पकड़ने, मानव और पशुधन की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा घायल महिला के समुचित उपचार और मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक गुलदार को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर नहीं भेजा जाता, तब तक गांव के लोगों का सामान्य जीवन पटरी पर लौटना मुश्किल होगा।






