श्रीनगर, गढ़वाल। फ्लू एन्सेफैलोपैथी से मस्तिष्क में सूजन और बोन मैरो प्रभावित होने से गंभीर हालत में पहुंची रुद्रप्रयाग जिले के फाटा निवासी नौ माह की कीर्ति स्वस्थ होकर घर लौट गई। एचएनबी बेस चिकित्सालय श्रीनगर में करीब 14 दिनों तक उसका उपचार चला, जिसमें 9–10 दिन उसे पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) में रखा गया।बच्ची की हालत बिगड़ने पर परिजन उसे श्रीनगर बेस अस्पताल लाए थे। बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. सीएम शर्मा की निगरानी में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अंकिता गिरी और चिकित्सकों की टीम ने उसका उपचार किया। डॉ. अंकिता गिरी ने बताया कि फ्लू एन्सेफैलोपैथी के कारण बच्ची के मस्तिष्क में सूजन आ गई थी और वह बेहोशी की अवस्था में थी। फ्लू वायरस से बोन मैरो भी प्रभावित हुआ, जिससे प्लेटलेट्स सहित रक्त कोशिकाओं की संख्या कम हो गई थी।चिकित्सकों की निगरानी में उपचार के सात से आठ दिन बाद बच्ची की स्थिति में सुधार होने लगा। धीरे-धीरे उसे होश आया और वह माता-पिता को पहचानने लगी। करीब 14 दिन बाद स्वस्थ होने पर उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। बच्ची के पिता नितिन चंद्र जमलोकी और मां मेघा ने चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ का आभार जताया।डॉ. अंकिता गिरी ने अभिभावकों से बच्चों को फ्लू से बचाव के लिए चिकित्सकीय सलाह के अनुसार टीकाकरण कराने और तेज बुखार, असामान्य सुस्ती या बेहोशी जैसे लक्षण दिखने पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेने की अपील की।






